Interesting Facts : जब भी आप लोग कहीं पर खरीदारी करने जाते हैं तो आपकी नजर कई चीजों पर अनायास ही पड़ जाती होगी। खास बात उन चीजों में नहीं बल्कि, उन लिखे अनोखे से अनोखे शॉर्ट फॉर्म होते हैं। यदि आप शॉपिंग मॉल जाते रहते हैं तो क्रीम, परफ्यूम, फेसवॉश या सनस्क्रीन को आपने लाइन से रखे देखा होगा। इन प्रोडक्ट्स के रैपर की प्रिटिंग भी काफी आकर्षक होती है। हालांकि, उस आकर्षकता के पीछे बड़े काम की जानकारी भी छिपी होती है जिससे काफी लोग अनजान रह जाते हैं। यदि आप सनस्क्रीन खरीदते हैं या उसे रोज लगाते हैं तो आपने देखा होगा कि, उस पर pH लिखा होगा। हालांकि, pH का यूज तो कई लोग जानते हैं मगर इसका फुल फॉर्म आज तक कोई नहीं जान पाया है। क्या आपको पता है कि, सनस्क्रीन पर लिखे PH का फुल फॉर्म क्या होता है ?
pH का फुल फॉर्म
आपने स्कूल में केमेस्ट्री की क्लास में pH शब्द के बारे में पढ़ा होगा। यह एक पैमाना है जो किसी पदार्थ की अम्लता, क्षारता या उदासीनता को मापने के लिए 'हाइड्रोजन की क्षमता' का उपयोग करता है। pH का फुल फॉर्म "Potential of Hydrogen" होता है। इसे इस प्रकार समझा जा सकता है:
pH 0-7 : अत्यधिक अम्लीय
pH 0-14 : अत्यधिक क्षारीय
pH 7 : उदासीन
पानी युक्त किसी भी चीज का pH मापा जा सकता है, जिसमें आपकी त्वचा भी शामिल है। वयस्कों की त्वचा का सामान्य पीएच लगभग 5.5 होता है, जो थोड़ा अम्लीय होता है। यह अम्लता त्वचा के प्राकृतिक तेलों का संतुलन बनाए रखने और उसे हानिकारक बैक्टीरिया से बचाने में मदद करती है।
सनस्क्रीन पर लिखी अन्य चीजों को जानें
अब आप सोच रहे होंगे कि सनस्क्रीन पर तो और भी कई चीजें लिखी होती हैं। जी हां, सनस्क्रीन पर और भी कई तरह की जानकारियां अंकित होती हैं। इनमें PA और SPF भी शामिल हैं। PA यह दर्शाता है कि सनस्क्रीन यूवीए किरणों से कितनी प्रभावी ढंग से सुरक्षा प्रदान करता है, जो समय से पहले बुढ़ापा लाती हैं। वहीं, SPF को Sun protection factor कहते हैं, यह यह UVB किरणों से सुरक्षा का मापन करता है, जो सनबर्न का कारण बनती हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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