भारतीय रेलवे अपने कई सुपरफास्ट और अनोखी ट्रेनों को लेकर काफी चर्चा में रहता है। विगत वर्षों में भारतीय रेलवे ने अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर और रेल नेटवर्क में अभूतपूर्व कार्य भी किया है, जिनके बारे में सोशल मीडिया पर अलग-अलग रिपोर्ट्स भी वायरल होती रहती हैं। फिर चाहे वो ट्रेनों की टाइमिंग हो या उन ट्रेनों की स्थिति और साफ—सफाई हो। ट्रेनों की स्थिति की बात करें तो न सिर्फ उनकी कंडीशन बल्कि स्पीड इत्यादि में भी काफी परिवर्तन आया है। क्या आपको पता है कि, भारतीय रेलवे के पास एक ऐसी ट्रेन है जिसे नॉर्थ-ईस्ट की लाइफलाइन कहा जाता है। बताते हैं कि ये ट्रेन 37 घंटे का सफर, दो हजार KM से ज्यादा की दूरी तय कर रास्ते में कुदरत के मनोरम नजारों का भी दीदार कराती है। आइए जानते हैं इस ट्रेन का नाम:
डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस (12424)
ट्रेन संख्या 12424 डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस भारतीय रेलवे द्वारा संचालित AC ट्रेन है। जो कि, नई दिल्ली (NDLS) से डिब्रूगढ़ (DBRG) को जोड़ती है। ये ट्रेन नई दिल्ली से डिब्रूगढ़ तक रोजाना चलतह है और तकरीबन 2432 से 2434 किलोमीटर की दूरी तय करती है। इस दौरान ट्रेन को 37 घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है। यह ट्रेन उत्तर रेलवे जोन के अंतर्गत सचालित होती है और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाती है। गौरतलब है कि, फेसबुक पर @TrainSeva नामक हैंडल से भी इसके बारे में बताया गया।
ट्रेन का समय और स्टॉपेज
डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस नई दिल्ली से दोपहर 04:20 बजे रवाना होती है और तीसरे दिन सुबह करीब 06:20 बजे डिब्रूगढ़ पहुंचती है। वापसी में ट्रेन 12423 डिब्रूगढ़ से रात 08:35 बजे रवाना होकर तीसरे दिन सुबह 10:30 बजे नई दिल्ली पहुंचती है। नई दिल्ली से चलने पर यह ट्रेन कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज जंक्शन, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, दानापुर, पाटलीपुत्र, बरौनी जंक्शन, कटिहार, किशनगंज, न्यू जलपाईगुड़ी, न्यू कूचबिहार, न्यू बोंगाईगांव जंक्शन, रंगिया, गुवाहाटी, लुमडिंग, डिमापुर, मरियानी और न्यू तिनसुकिया जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकती है।
प्रकृति के सुंदर नजारों का कराती है दीदार
डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस में ट्रैवलिंग के दौरान पैसेंजर उत्तर भारत के मैदानों से लेकर असम की हरियाली, चाय बागानों, ब्रह्मपुत्र नदी के नजारों और पहाड़ी इलाकों की खूबसूरती का दीदार कर सकते हैं। रूट पर गुवाहाटी और लुमडिंग जैसे स्टेशनों से पूर्वोत्तर की प्राकृतिक सुंदरता शुरू हो जाती है। डिमापुर और मरियानी के आसपास के इलाके पर्यटकों और रेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। ट्रेन समयपालन के मामले में काफी अच्छी मानी जाती है, हालांकि मौसम और ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार कभी-कभी देरी हो सकती है। भारतीय रेलवे इस ट्रेन को नियमित रूप से मेंटेन रखती है। कोचों की सफाई, खानपान की गुणवत्ता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
इसलिए कहलाती है नॉर्थ-ईस्ट की लाइफलाइन
यह ट्रेन नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। असम, नागालैंड और आसपास के क्षेत्रों से दिल्ली और अन्य शहरों तक जाने वाले यात्री, छात्र, व्यापारी और मरीज इस पर निर्भर रहते हैं। सड़क मार्ग से इतनी लंबी दूरी तय करना कठिन और समय लेने वाला होता है, इसलिए यह ट्रेन क्षेत्र की कनेक्टिविटी का आधार है। डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत को मुख्यधारा से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। यह क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में योगदान देती है। रेलवे के आधिकारिक स्रोतों के अनुसार यह ट्रेन नॉर्थ-ईस्ट की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने वाली प्रमुख सेवाओं में शामिल है।
ये भी पढ़ें -