जब भी हम बोर बो रहे होते हैं तो अपनी पुराने फोटो अलबम को देख अपनी यादें ताजा कर लेते हैं। लेकिन इस दुनिया का इतिहास हर समय पर अलग-अलग परिस्थितियों से गुजरा है। आइए आज ऐसी ही इतिहास की एक झलक उन पुरानी तस्वीरों और वीडियो के माध्यम से देखने की कोशिश करते हैं। जो बेहद ही दुर्लभ हैं। इन्हें आपने शायद इतिहास की कक्षा में नहीं देखे होंगे।

ब्रिटिश भारतीय पासपोर्ट
अंग्रेजों के समय पर भारत के लोगों के लिए ऐसे ही पासपोर्ट बनते थे। तस्वीर 1930 की है। भारत की स्वतंत्रता के बाद इस पासपोर्ट का उपयोग बंद कर दिया गया था।

ये बलूचिस्तान स्थित चमन, संजल रेलवे स्टेशन की तस्वीर है। जिसे सन् 1895 में खिंचा गया था। अब ये रेलवे स्टेशन एक विरान स्टेशन में तबदील हो चुका है।

हसोनो मसाबुमी इकलौता ऐसा यात्री था जो जापान का था और टाइटैनिक की यात्रा पर निकला था। तस्वीर सन् 1912 की है।

यह तस्वीर नील नदी के किनारे मिश्र शहर की है, जिसे 1962 में खिंचा गया था।

इस फ्रेम में दो तस्वीरें हैं। पहली तस्वीर इथियोपिया की है, जिसे सन् 1991 में खिंचा गया था। इस तस्वीर में लेनिन की गिरी हुई मूर्ति के सामने एक लड़का खड़ा नजर आ रहा है। वहीं, दूसरी तस्वीर सन् 1885 की है, जिसे स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के सिर को अनपैक करते वक्त खिंचा गया था।

नए बुलेट प्रूफ जैकेट का परीक्षण करते हुए लोग। तस्वीर सन् 1923 में ली गई थी।

1895 में लॉस एंजिल्स ऐसा दिखता था। इस तस्वीर को देखने से कहीं से भी नहीं लग रहा कि आज का लॉस एंजिल्स इतना विकसित हो चुका है।
महान पाब्लो पिकासो अपने स्टूडियो में काम करते हुए। यह वीडियो 18 मई, 1956 को फ्रांस में रिकॉर्ड किया गया था।

कनाडा में एक छोटा सा इनुइट गांव फर ट्रैपर्स के लिए जाना जाता था, जो कभी-कभी वहां से गुजरते थे। लेकिन 1930 में, कुछ अजीब हुआ; जो लेबेले नामक एक फर ट्रैपर द्वीप के परिसर में घुस गया और उसे वहां एक भी व्यक्ति नहीं मिला। वास्तव में, 7 स्लेज कुत्ते भूख से एक कब्र में मृत पाए गए जो देखने में मानव निर्मित लग रही थी। लापता लोगों को खोजने के लिए खोज की गई, लेकिन एक भी शव नहीं मिला।

1945 में नागासाकी पर परमाणु बमबारी से बची एक महिला।

क्रेमलिन के अंदर स्टालिन की ली गई तस्वीर उस क्षण को दर्शाती है जब उन्हें बताया गया कि जर्मनी ने सोवियत संघ पर आक्रमण शुरू कर दिया है।

59 साल के अंदर कंप्यूटर के अंदर लगने वाले मेमोरी कार्ड्स के साइज में इतना बदलाव आ गया। सबसे पहली बार जब कंप्यूटर के लिए मेमोरी कार्ड बनाया गया, तब इसका आकार इतना बड़ा था कि उसे ट्रक पर लादकर ले आने की जरूरत पड़ती थी। वहीं आज इसके साइज इतनी छोटी है कि ये बड़े ही आराम से कंप्यूटर, लैपटॉप या फिर मोबाइल में फिट हो जाती है।

किसी व्यक्ति की पानी के नीचे ली गई यह पहली तस्वीर है, जिसे 1899 में खिंचा गया था। यह अविश्वसनीय तस्वीर फ्रांस के लुइस मैरी-ऑगस्टे बाउटन-सुर-मेर ने लिया गया था।

सबरीना चेबिची, केन्याई एथलीट, जिन्होंने 1973 में नंगे पैर और ड्रेस पहनकर मैराथन जीती थी।
नोट: इन तस्वीरों और वीडियो को सोशल साइट एक्स पर @LostTemple7 नाम के अकाउंट से जानकारी समेत शेयर किया गया था। इनकी पुष्टि इंडिया टीवी नहीं करता।
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