तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी द्वारा रविवार को कालीघाट में बुलाई गई बैठक कैंसिल हो गई। बताया जा रहा है कि TMC के 80 विधायकों में से सिर्फ 19 से 20 विधायक ही पहुंचे थे। इस पर टीएमसी के विधायक, प्रवक्ता और राज्य महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि ये बैठक स्थगित किया गया है, क्योंकि अलग-अलग जगहों पर हमले हो रहे हैं, जिसकी वजह से ज्यादातर विधायक कोलकाता पहुंच नहीं पाए। उन्हें जिम्मेदारी दी गई है कि अपने इलाके में रहकर काम करें और टीएमसी कार्यकर्ता के साथ खड़े रहे।
दरअसल, पश्चिम बंगाल चुनाव में TMC को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस बार बीजेपी ने 208 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की, जबकि टीएमसी सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई। इस हार के बाद से ममता बनर्जी हर हफ्ते समीक्षा बैठकें कर रही हैं। इन बैठकों में कभी जीतने वाले विधायकों को, तो कभी हारे हुए नेताओं को बुलाकर चर्चा की जाती है।
रविवार की बैठक क्यों फेल हुई?
इसी सिलसिले में रविवार को ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर टीएमसी विधायकों की एक बैठक बुलाई गई थी। लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि 80 में से केवल 20 विधायक ही बैठक में पहुंचे। यानी लगभग 75% विधायक गायब रहे। इतने सारे विधायकों के न आने की वजह से ममता बनर्जी को यह बैठक रद्द करनी पड़ी।
क्या टीएमसी में बगावत हो रही है?
चुनाव हारने के बाद से ही टीएमसी के अंदर आपसी मतभेद और बगावत की खबरें आ रही थीं। अब एक साथ इतने विधायकों का ममता बनर्जी की बैठक में न आना, इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि क्या वाकई पार्टी के अंदर कोई बड़ी बगावत शुरू हो गई है।
कुणाल घोष ने क्या सफाई दी?
पार्टी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने बगावत की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि बैठक रद्द नहीं, बल्कि कुछ समय के लिए टाली गई है। उन्होंने इसके पीछे दो बड़ी वजहें बताईं। शनिवार को सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर एक भयानक हमला हुआ था, जिसके बाद राज्य में तनाव है और विधायक अपने-अपने इलाकों को संभालने में व्यस्त हैं। वहीं, कई जगहों पर पुलिस टीएमसी कार्यकर्ताओं को परेशान कर रही है और उन्हें हिरासत में ले रही है। इसलिए विधायकों ने खुद ही अपने क्षेत्र में रहने की छूट मांगी थी। दोपहर 3 बजे पार्टी ने फैसला किया कि जो 20 विधायक आ चुके हैं, सिर्फ उनसे मिलकर बातचीत कर ली जाए और मुख्य बैठक को आगे के लिए टाल दिया जाए।
ममता बनर्जी का विरोध प्रदर्शन
वहीं, पार्टी ने साफ कर दिया है कि वे चुप नहीं बैठेंगे। सोमवार से टीएमसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर हर ब्लॉक में विरोध प्रदर्शन करेंगे। 2 जून को कोलकाता के रानी राशमणि एवेन्यू पर ममता बनर्जी 1 दिन के लिए विरोध प्रदर्शन करेंगी।
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