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'ये सब ममता बनर्जी करा रही हैं', मुर्शिदाबाद हिंसा पर भड़के दिलीप घोष, जानिए और क्या-क्या बोले

 Published : Apr 20, 2025 10:08 am IST,  Updated : Apr 20, 2025 10:08 am IST

दिलीप घोष ने मुर्शिदाबाद हिंसा के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया वही हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए राज्यपाल सीवी आनंद बोस को धन्यवाद दिया।

Dilip Ghosh- India TV Hindi
दिलीप घोष, बीजेपी नेता Image Source : ANI

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा की घटनाओं के लिए बीजेपी नेता दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के निर्देश पर ही इस तरह की घटनाएं हुई हैं। दिलीप घोष ने कहा कि  ममता बनर्जी क्या कर रही हैं? उनके पास प्रशासन और सरकार है; उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए। हमने एक वायरल वीडियो में देखा कि दंगों से पहले उनके अपने लोग लोगों को भड़का रहे थे। उन्हें पकड़ा जाना चाहिए। 

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दोषियों को शांतिदूत कहती हैं ममता

दिलीप घोष ने मीडिया से बात करते हुए मुर्शिदाबाद के हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए राज्यपाल सीवी आनंद बोस को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल इस घटना को लेकर बेहद संवेदनशील हैं और उन्होंने पीड़ितों का दुख दर्द सुना है। उन्होंने कहा-मैं राज्यपाल को ऐसे कठिन समय में क्षेत्र का दौरा करने के लिए धन्यवाद देता हूं। दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी शादियों में जा रही हैं.. वह भाषण देती हैं और दोषियों को शांतिदूत कहती हैं।

दोषियों को पकड़ा जाना चाहिए

दिल्पी घोष ने कहा कि दोषियों को पकड़ा जाना चाहिए। नहीं तो एनआईए आएगी, जांच करेगी और सभी को गिरफ्तार करेगी। और फिर बाकी की जिंदगी वहीं (जेल में) गुजरेगी और AFSPA एक्ट लगाया जाएगा। दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी और टीएमसी वाले वही कर रहे हैं जो पहले कभी कम्यूनिस्ट शासन में हुआ करता था।

राज्यपाल ने पीड़ितों से की मुलाकात

बता दें कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में मारे गए एक व्यक्ति और उसके बेटे के परिजनों, एवं अन्य पीड़ितों से शनिवार को मुलाकात की। राज्यपाल ने उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। बोस ने शनिवार को सबसे पहले मृतक हरगोविंद दास और चंदन दास के परिवार के सदस्यों से शमशेरगंज के जाफराबाद इलाके में उनके घर पर मुलाकात की। राज्यपाल ने उनके अनुरोधों और सुरक्षा की मांगों को सुना। बोस ने मृतकों के परिजन से मुलाकात के बाद मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘मैं अनुरोधों पर गौर करूंगा। तीन से चार सुझाव मिले हैं। उन्होंने इलाके में बीएसएफ की तैनाती की मांग की है। मैं इस मामले को उचित अधिकारियों के समक्ष उठाऊंगा। निश्चित रूप से कुछ ठोस कार्रवाई की जाएगी। मैंने उनके साथ ‘शांति कक्ष’ का नंबर (राजभवन की हेल्पलाइन) भी शेयर किया है।’’ मृतकों के गमगीन परिवार के सदस्य राज्यपाल के पैरों में गिरकर न्याय की गुहार लगाते देखे गए। 

मुझसे बेझिझक बात करें

बाद में, धुलियान बाजार इलाके में स्थानीय लोगों से बात करने के बाद बोस ने कहा, ‘‘मैंने उनसे (पीड़ितों से) कहा है कि वे मुझसे बेझिझक बात करें। वे न्याय चाहते हैं और उन्हें न्याय मिलेगा।’’ धुलियान और शमशेरगंज के बेतबोना में स्थानीय लोगों की मांगों के बारे में बोस ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से इस पर गौर करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘लोगों की कई मांगें हैं। पहली, वे न्याय चाहते हैं। दूसरी, वे शांति चाहते हैं और तीसरी, वे वहां BSF की स्थायी शिविर चाहते हैं। इन सभी को पूरी गंभीरता से लिया जाएगा और उचित कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा। मैं बंगाल के लोगों के लिए इसे व्यक्तिगत रूप से उठाऊंगा।’’ हालांकि, उन्होंने इस बात पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि सीएम ममता बनर्जी को दंगा प्रभावित जिले का दौरा करना चाहिए या नहीं। प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर बोस ने कहा कि हालांकि केंद्रीय बलों की तैनाती के बाद स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन स्थानीय लोग अभी भी दहशत में हैं। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय बलों के आने के बाद, राज्य बल अब एकजुट होकर काम कर रहे हैं और स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इस घटना से प्रभावित पक्ष अब भी डरे हुए हैं। लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।’’ 

मुर्शिदाबाद मुस्लिम बहुल इलाकों में आठ से 12 अप्रैल को वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान भड़की हिंसा में पिता-पुत्र समेत कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। इसके बाद इस सिलसिले में 274 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल से दौरे को स्थगित करने का अनुरोध किया था। इसके बावजूद बोस ने मालदा का दौरा किया था और मुर्शिदाबाद जिले के हिंसा प्रभावित इलाकों से भागकर एक अस्थायी शरणार्थी शिविर में रह रहे लोगों से मुलाकात की थी। (इनपुट-भाषा)

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