मोगादिशु (सोमालिया): सिर्फ 10 लाख की आबादी वाले जिबूती राष्ट्र ने लगातार छठवीं बार इस्माइल उमर गुलेह को अपना राष्ट्रपति चुना है। बीते शुक्रवार को हुए चुनाव में इस्माइल ओमार गुलेह को 97.81 प्रतिशत वोट हासिल हुए। इसके साथ ही वह लगातार छठी बार राष्ट्रपति पद पर फिर से चुन लिए गए। जिबूती के आधिकारिक नतीजों में यह जानकारी दी गई है।
गुलेह के सामने थे सिर्फ एक प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार
78 वर्षीय गुलेह पिछले दो दशक से अधिक समय से अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र के इस छोटे से देश (लगभग 10 लाख आबादी) पर शासन कर रहे हैं। पिछले साल देश की संसद ने राष्ट्रपति पद की आयु सीमा को खत्म कर दिया था। चुनाव अधिकारियों ने कहा कि मतदान शांतिपूर्ण रहा। शनिवार को राष्ट्रपति भवन में समर्थकों ने जश्न मनाया और राष्ट्रपति को बधाई दी। गुलेह को चुनौती देने वाले केवल एकमात्र उम्मीदवार मोहम्मद फराह समातर थे, जो सत्ताधारी पार्टी के पूर्व सदस्य हैं। विश्लेषकों का कहना है कि इस चुनाव में वास्तविक प्रतिस्पर्धा लगभग नहीं थी। विपक्षी दल अक्सर चुनावों का बहिष्कार करते हैं और राजनीतिक स्वतंत्रता पर पाबंदियों का आरोप लगाते हैं।
1999 में पहली बार बने थे राष्ट्रपति
गुलेह पहली बार वर्ष 1999 में जिबूती के राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने अपने चाचा व पूर्व राष्ट्रपति हसन गौलेद अप्तिदोन का स्थान लिया था। तब से देश की राजनीति पर परिवार-केंद्रित व्यवस्था का दबदबा कायम है। जिबूती रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां अमेरिका, चीन, फ्रांस और जापान समेत कई विदेशी सैन्य अड्डे हैं। यह देश रेड सी और एडेन की खाड़ी को जोड़ने वाले प्रमुख वैश्विक शिपिंग रूट पर स्थित है। इन सैन्य अड्डों से मिलने वाली आय और पड़ोसी देश इथियोपिया को बंदरगाह सेवाएं प्रदान करना जिबूती की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।