कैरिबियाई सागर में बसे छोटे से देश क्यूबा में पेट्रोल, डीजल और फ्यूल ऑयल का स्टॉक खत्म हो चुका है, इसकी वजह से पूरे देश में लोग ब्लैक आउट की मार झेल रहे हैं। जानकारी के मुताबिक क्यूबा के हालात इतने खराब हैं कि राजधानी हवाना समेत कई इलाकों में रोज 20 से 22 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है और सभी शहर अंधेरे में डूबे हैं। लोगों की जिंदगी इस ब्लैक आउट की वजह से बुरी तरह प्रभावित हो चुकी है। लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों का गुस्सा बढ़ा दिया है। कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए और नारे लगाते हुए प्रदर्शन करने लगे।
ऊर्जा मंत्री ने खड़े किए हाथ, लाइव आकर किया ऐलान
बिजली कटौती की वजह से देश में अस्पतालों में कामकाज प्रभावित हो रहा है, स्कूलों में बच्चों की दिक्कतें बढ़ गई हैं और फैक्ट्रियां भी बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन और जरूरी सेवाएं भी इस संकट की मार झेल रही हैं, जिससे आम लोगों का जीवन पूरी तरह से प्रभावित हुआ है।

वहीं, इन परेशानियों के बीच क्यूबा के ऊर्जा मंत्री विसेंटे डे ला ओ लेवी ने टीवी पर लाइव आकर साफ कहा कि देश के पास अब डीजल और फ्यूल ऑयल का कोई भंडार नहीं बचा है, हमारे हाथ में अब कुछ भी नहीं है। उनका कहना है कि पूरा बिजली तंत्र अब सिर्फ स्थानीय कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के भरोसे चल रहा है। ईंधन की भारी कमी के कारण बिजली संयंत्र पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे हैं, सरकार इसे लेकर असमंजस की स्थिति झेल रही है।

इस वजह से अंधेरे में डूबा क्यूबा
क्यूबा की सरकार ने इस बिजली संकट के लिए अमेरिका की सख्त आर्थिक और तेल प्रतिबंध नीति को जिम्मेदार ठहराया है। जनवरी 2026 में अमेरिकी प्रशासन ने उन कंपनियों और जहाजों पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी, जो क्यूबा को तेल सप्लाई करते हैं। इसके बाद Pemex समेत कई सप्लायर्स ने तेल भेजना कम कर दिया, जिससे देश की ऊर्जा आपूर्ति चरमरा गई और पूरा देश अंधेरे में डूब गया है।। बता दें कि वेनेज़ुएला में लंबे समय से क्यूबा को सस्ते तेल की सप्लाई करता रहा है, लेकिन 2026 में वहां हुए राजनीतिक बदलावों और अमेरिकी दबाव के बाद यह आपूर्ति लगभग बंद हो गई है।