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ईरान में हिंसा के बीच ट्रंप ने मुस्लिम ब्रदरहुड की शाखाओं को घोषित किया आतंकी, सऊदी अरब, UAE ने किया फैसले का स्वागत

Written By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Published : Jan 14, 2026 04:59 pm IST, Updated : Jan 14, 2026 04:59 pm IST

अमेरिका ने ईरान में जारी हिंसा के बीच मिस्र, लेबनान और जॉर्डन में स्थित मुस्लिम ब्रदरहुड की शाखाओं को आतंकवादी घोषित कर दिया है। सऊदी अरब समेत कई देशों ने ट्रंप के इस फैसले का स्वागत किया है।

ईरान में हिंसा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मुस्लिम ब्रदरहुड शाखा को घोषित किया आतंकी।- India TV Hindi
Image Source : AP & PTI ईरान में हिंसा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मुस्लिम ब्रदरहुड शाखा को घोषित किया आतंकी।

रियादः ईरान में जारी हिंसा के बीच ट्रंप ने मंगलवार को मिस्र, जोर्डन और लेबनान में मुस्लिम ब्रदरहुड की शाखाओं को आतंकवादी घोषित कर दिया है। बुधवार को सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा मुस्लिम ब्रदरहुड की मिस्र, जॉर्डन और लेबनान शाखाओं को आतंकवादी संगठन घोषित करने के इस फैसले का स्वागत किया है। ट्रंप प्रशासन ने 13 जनवरी को मुस्लिम ब्रदरहुड की इन तीन शाखाओं पर आतंकवादी संगठन का लेबल चस्पा कर दिया है। सऊदी अरब ने अब अमेरिका के इस फैसले को सही ठहरा कर अन्य मुस्लिम देशों में तहलका मचा दिया है।

अमेरिका का क्या है फैसला?

अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने लेबनान की मुस्लिम ब्रदरहुड शाखा (जिसे जमाआ इस्लामिया भी कहा जाता है) को फॉरेन टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन (FTO) और स्पेशली डेजिग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट (SDGT) घोषित किया। इसके नेता मुहम्मद फौजी तक्कोश पर भी SDGT का लेबल लगाया गया। इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने मिस्र और जॉर्डन की शाखाओं को SDGT घोषित किया, क्योंकि इन पर हमास को सामग्री सहायता देने का आरोप है। अमेरिका ने यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा नवंबर 2025 में हस्ताक्षरित एक कार्यकारी आदेश के तहत उठाया गया, जिसका उद्देश्य मुस्लिम ब्रदरहुड की उन शाखाओं को निशाना बनाना है जो अमेरिका और उसके हितों के लिए खतरा पैदा करती हैं।

क्या होगा अमेरिका के इस फैसले का असर

ट्रंप के इस फैसले से इन संगठनों की संपत्तियां अमेरिका में फ्रीज हो जाएंगी, अमेरिकी नागरिकों या कंपनियों के लिए इनके साथ कोई भी लेन-देन या सहायता को अपराध माना जाएगा। इसके साथ ही इस संगठन के सदस्यों पर यात्रा प्रतिबंध लग सकते हैं। इससे मुस्लिम ब्रदरहुड को बड़ा झटका लग सकता है। 

सऊदी अरब की प्रतिक्रिया का क्या होगा असर

सऊदी विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा, स्थिरता तथा अरब देशों की समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। सऊदी अरब ने 2014 से ही मुस्लिम ब्रदरहुड को आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है। यह कदम अमेरिका और सऊदी अरब के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग को मजबूत करता है।

अन्य देशों का क्या है रुख

अमेरिका के इस फैसले को कई अन्य देशों ने भी सराहा है। मिस्र ने इसे "महत्वपूर्ण कदम" बताया और कहा कि यह संगठन की उग्रवादी विचारधारा को उजागर करता है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी इस फैसले का स्वागत किया, क्योंकि वे लंबे समय से मुस्लिम ब्रदरहुड के खिलाफ हैं। मुस्लिम ब्रदरहुड (खासकर मिस्र की शाखा) ने इस लेबल को खारिज कर दिया है और कहा है कि वे इसे कानूनी रूप से चुनौती देंगे।

क्या है मुस्लिम ब्रदरहुड

मुस्लिम ब्रदरहुड 1928 में मिस्र में स्थापित एक इस्लामी संगठन है, जो राजनीतिक इस्लाम को बढ़ावा देता है। कई अरब देश इसे उग्रवाद और अस्थिरता का स्रोत मानते हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक आंदोलन के रूप में देखते हैं। पहले से ही सऊदी अरब, मिस्र, UAE, बहरीन और रूस जैसे देश इसे आतंकवादी मानते हैं। यह कदम मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, हमास और अन्य इस्लामी समूहों के खिलाफ अमेरिका-गल्फ देशों की साझा रणनीति का हिस्सा है।

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