इस्लामाबाद: पाकिस्तान के शिया समुदाय के लोगों ने आज कड़ी सुरक्षा के बीच अशूरा मनाया और सरकार से अधिक सुरक्षा की मांग की। इससे एक दिन पहले सिंध प्रांत में मुहर्रम के जुलूस के दौरान हुए आत्मघाती हमले में 24 लोगों की मौत हो गई थी। पैगम्बर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मनाए जाने वाले अशूरा के मौके पर आज पूरे पाकिस्तान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई और किसी भी आतंकी घटना को रोकने के लिए मोबाइल एवं इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया। एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि शिया समुदाय के लोगों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए चार लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन ने मुहर्रम के जुलूस से संबंधित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन कैमरे लगाए।
उन्होंने कहा, हमने 65 शहरों एवं कस्बों में मोबाइल फोन और इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया ताकि आतंकवादियों द्वारा रिमोट कंट्रोल से बम हमले किए जाने को रोका जा सके। सुरक्षा को लेकर इतनी चौकसी उस वक्त बरती गई जब कल सिंध प्रांत के जैकबाबाद में मुहर्रम के जुलूस के दौरान हुए हमले को रोकने में सरकार विफल रही। पुलिस का कहना है कि इस धमाके में 24 लोग मारे गए और 40 से अधिक घायल हो गए। हमले के बाद आक्रोशित शिया समुदाय के लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई।