ढाका: संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को कहा कि भोजन-पानी के बिना रोहिंग्या शरणार्थियों के एक समूह को लेकर एक नौका अंडमान सागर में भटक रही है। UN ने कहा कि इन लोगों के परिजन चिंतित हैं क्योंकि इनमें से कई लोगों की मौत पहले ही हो चुकी है। शरणार्थी मामलों के संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त (UNHCR) कार्यालय ने कहा कि उसे लगता है कि 2 सप्ताह पहले दक्षिणी बांग्लादेश से नौका रवाना होने के बाद कुछ शरणार्थियों की मौत हो गई। UNHCR कार्यालय ने कहा कि उसे नौका के मौजूदा सटीक स्थल की जानकारी नहीं है।
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‘अनेक शरणार्थी बीमार थे’
उधर, भारतीय तटरक्षक बल ने शरणार्थियों का पता लगाने के लिए अपने संसाधन लगाए हैं। संयुक्त राष्ट्र और एमनेस्टी इंटरनेशनल सहित मानवाधिकार संगठनों ने कहा है कि अनेक शरणार्थी बीमार थे और वे शरीर में पानी की कमी की समस्या से पीड़ित थे। खबरों में कहा गया है कि बच्चों सहित लगभग 90 शरणार्थियों ने बेहतर जीवन की तलाश में यात्रा शुरू की थी। मानव तस्कर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में काम दिलाने का वायदा कर प्राय: शरणार्थियों को अपने जाल में फंसाते हैं। बता दें कि म्यांमार से भागे 10 लाख से अधिक शरणार्थी बांग्लादेश में भीड़भाड़ वाले शिविरों में रह रहे हैं।
‘हमें किसी नौका की जानकारी नहीं’
बांग्लादेश के अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि उन्हें ऐसी किसी नौका की जानकारी नहीं है जो हाल में रोहिंग्या शरणार्थियों को लेकर बांग्लादेश के जलक्षेत्र से बाहर गई हो। वहीं, UNHCR ने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल ने शरणार्थियों का पता लगाने के लिए अपने संसाधन लगाए हैं। UNHCR के एशिया एवं प्रशांत मामलों की क्षेत्रीय ब्यूरो प्रमुख कैथरीन स्टबरफील्ड ने कहा, ‘हम खोज एवं राहत टीम तैनात करने के भारतीय तटरक्षक बल के प्रयासों की सराहना करते हैं।’ भारतीय तटरक्षक बल के प्रवक्ता पी. एन. अनूप ने कहा कि अभी उनके पास कहने को कुछ नहीं है।