बीजिंग: चीन ने शुक्रवार को अपने सदाबहार सहयोगी पाकिस्तान का यह कहते हुए बचाव किया है कि इस्लामाबाद ने आतंकवाद से लड़ने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। चीन ने पाक को अपना ‘अच्छा भाई’ बताते हुए कहा कि कुछ देशों को इसके लिए पाकिस्तान को पूरा श्रेय देना चाहिए। यह बयान BRICS की उस घोषणापत्र को चीन का समर्थन देने के कुछ दिनों बाद आया है जिसमें पाकिस्तान से सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों का नाम पहली बार लिया गया था।
अपने पाकिस्तानी समकक्ष ख्वाजा आसिफ से मुलाकात के बाद चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, 'चीन से बेहतर पाकिस्तान को कोई नहीं समझ सकता। जब आतंकवाद से मुकाबले का मुद्दा आता है तो हम मानते हैं कि पाकिस्तान ने स्पष्ट तौर पर स्पष्ट ईमानदारी के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है। इसकी तुलना में कुछ देशों को पाकिस्तान को वह श्रेय देने की जरूरत है, जिसका वह हकदार है।' आसिफ चीन के दौरे पर उस वक्त गए हैं जब चीन ने हाल में शियामन में खत्म हुए ब्रिक्स सम्मेलन में आतंकवाद पर एक कड़े प्रस्ताव को अपना समर्थन दिया है। प्रस्ताव में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठनों द्वारा की जा रही हिंसा पर चिंता जताई गई है।
चीन ने आसिफ को शियामेन में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद आधिकारिक दौरे का निमंत्रण दिया था। आतंकवादियों को पनाह देने के आरोपों पर चीन ने हमेशा पाकिस्तान का बचाव किया है। आपको बता दें कि चीन ने पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर निवेश किया है। वह पाकिस्तान में 50 अरब डॉलर का आर्थिक गलियारा बना रहा है। यह चीन के महत्वाकांक्षी वन बेल्ट व रोड परियोजना का हिस्सा है। वहीं, अपने दौरे से पहले पहली बार आसिफ ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर ‘शर्मसार’ होने से बचने के लिए आतंकी संगठनों के खिलाफ कड़े कदम उठाने होंगे।