काबुल: भारत ने अफगानिस्तान में एक प्रतिष्ठित स्कूल में आधुनिकीकरण और शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए 10 लाख डॉलर की मदद का वादा किया है। तालिबान के अफगानिस्तान से खदेड़े जाने के बाद से ही भारत ने आतंकवाद से बदहाल इस देश के पुनर्निर्माण में अपना पूरा योगदान दिया है।
एक भारतीय थे इस स्कूल के पहले प्रिंसिपल
काबुल में भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा कि भारत ने 10 साल की अवधि के लिए स्कूल को 10 लाख डॉलर का अनुदान देने का फैसला किया है। यह स्कूल अफगानिस्तान में सबसे बड़े और सबसे प्रतिष्ठित स्कूलों में से एक है। इसकी स्थापना 1904 में राजा हबीबुल्ला की ओर से की गई थी। भारतीय नागरिक डॉक्टर अब्दुल गनी इस स्कूल के पहले प्राधानाचार्य थे।
भारतीय मदद से स्कूल का नवीनीकरण होगा
भारत की ओर से मिलने वाले धन का इस्तेमाल स्कूल के नवीनीकरण और शिक्षकों के प्रशिक्षण में होगा। भारत ने अफगानिस्तान में अनेक बिल्डिंग्स का निर्माण कराया, जिसमें सरकारी इमारतें और अस्पताल व स्कूल आदि शामिल हैं। इतना ही नहीं, भारत सरकार हर मोर्चे पर अफगानिस्तान की सरकार का समर्थन करती रही है, क्योंकि भारत भी आतंकवाद का दंश सहता रहा है। सीमापार प्रायोजित आतंकवाद ने भारत में भी अनेक लोगों की जान ली है। अफगानिस्तान में तो आए दिन तालिबान आतंकवादी वारदातों को अंजाम देते रहते हैं।