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लखवी जेल से रिहा भारत ने कहा दुर्भाग्यपूर्ण

 Written By: IANS
 Published : Apr 11, 2015 08:41 am IST,  Updated : Apr 11, 2015 08:43 am IST

इस्लामाबाद: मुंबई आतंकवादी हमले के मुख्य आरोपी जकी-उर-रहमान लखवी को शुक्रवार सुबह अदियाला जेल से रिहा कर दिया गया, जिसपर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण व निराशाजनक करार दिया। लाहौर उच्च न्यायालय

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इस्लामाबाद: मुंबई आतंकवादी हमले के मुख्य आरोपी जकी-उर-रहमान लखवी को शुक्रवार सुबह अदियाला जेल से रिहा कर दिया गया, जिसपर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण व निराशाजनक करार दिया। लाहौर उच्च न्यायालय द्वारा लखवी के हिरासत आदेश को गुरुवार को खारिज करने के बाद लखवी को रिहा कर दिया गया। कांग्रेस व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पाकिस्तान पर आतंकवाद से लड़ाई में गंभीरता नहीं बरतने का आरोप लगाया।

जियो टेलीविजन की रपट के मुताबिक, लखवी को बीती रात ही अदियाला जेल से रिहा कर दिया गया। रिहाई के बारे में न तो जेल अधिकारियों की तरफ से कोई घोषणा की गई और न ही जमात-उद-दावा (जेयूडी) की तरफ से। लखवी जेयूडी से संबद्ध है।

सूत्रों के मुताबिक, लखवी की अगवानी के लिए जेल के बाद जेयूडी के प्रतिनिधि मौजूद थे। रिहाई के बाद उसे एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने लखवी की रिहाई को दुर्भाग्यपूर्ण व निराशा जनक करार दिया।

उन्होंने कहा, "भारत पाकिस्तान के साथ वार्ता करना चाहता है, लेकिन वर्तमान परिदृश्य दुर्भाग्यपूर्ण व निराशानजक है।"

लाहौर उच्च न्यायालय ने गुरुवार को लखवी के हिरासत आदेश को खारिज करते हुए उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया था। न्यायालय उसकी चौथी याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उसने पिछले महीने पंजाब सरकार के एक महीने के हिरासत आदेश को चुनौती दी थी।

लाहौर उच्च न्यायालय ने लखवी की जमानत याचिका भी मंजूर कर ली और उसे दस लाख रुपये की दो जमानत राशि पर रिहा करने का आदेश दिया।

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान के न्यायालय के आदेश से सीमा पार आतंकवाद के संबंध में पाकिस्तान द्वारा हमें बार-बार दिए गए आश्वासनों की अहमियत कम हुई है।

उन्होंने कहा, "तथ्य तो यह है कि एक खूंखार आतंकवादी, जिसके खिलाफ प्रभावी ढंग से मुकदमा नहीं चलाया गया, वह भारत तथा दुनिया के लिए खतरा है।"

बीते महीने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने लखवी की हिरासत को अवैध करार देते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया था।

न्यायालय द्वारा लखवी को रिहाई का आदेश देने के बाद शुक्रवार को अपने संपादकीय में समाचारपत्र 'नेशन' ने कहा, "लखवी पर मुकदमा चलाने में पाकिस्तान एक बार फिर विफल रहा है। केवल नाकाम ही नहीं, ऐसा लगता है कि इस बार उसने अपनी तरफ से पूरा प्रयास भी नहीं किया।"

अखबार ने कहा है, "एक तरफ जब देश आतंकवाद से लड़ रहा है, ऐसे में लखवी को दोषी करार देने से आतंकवाद के खिलाफ देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि होती।"

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख बेहद स्पष्ट है।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने पाकिस्तान पर आतंकवाद के खिलाफ गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, "लगता नहीं पाकिस्तान आतंकवाद से मुकाबले को लेकर गंभीर है।"

कांग्रेस ने पाकिस्तान के इरादे पर सवाल उठाया। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा, "यह पाकिस्तान के इरादे पर सवाल उठाता है। पाकिस्तान को पर्याप्त सबूत उपलब्ध कराए गए थे, जो लखवी को सजा दिलाने के लिए काफी थे।"

पार्टी नेता आर.पी.एन.सिंह ने कहा कि भाजपा नीत सरकार को पाकिस्तान से कड़ा विरोध जताना चाहिए।

लखवी उन सात लोगों में शामिल है, जिनपर साल 2008 में मुंबई हमले का षडयंत्र रचने व हमले में मदद करने का आरोप है। मुंबई हमले में 166 लोग मारे गए थे, जबकि लगभग 300 लोग घायल हुए थे।

माना जाता है कि हमले के वक्त लखवी प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा का कार्यवाहक प्रमुख था। भारत ने इस हमले के लिए लश्कर को ही जिम्मेदार ठहराया है।

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