रियाद: सऊदी अरब के मुफ्ती ने रमजान के पहले कहा है कि रोजे के दौरान कोरोना वायरस की वैक्सीन लगवाने से रोजेदार का रोजा नहीं टूटता है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन कोई भोजन या पेय पदार्थ नहीं है, इसलिए इसको लगवाने से रोजा नहीं टूटता। मुफ्ती ने कहा कि वैक्सीन मांसपेशियों में लगाई जाती है इसलिए रमजान के दौरान इसे लगवाने में कोई दिक्कत नहीं है। सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि अभी तक देश में 26 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
Related Stories
अप्रैल के मध्य में शुरू होगा रमजान
बता दें कि रमजान 2021 चांद की स्थिति के हिसाब से 12 या 13 अप्रैल को शुरू होने वाला है। ऐसे में रोजा रखने वालों के मन में ये सवाल घूम रहा था कि इस्लाम के इस पवित्र महीने के दौरान वैक्सीन लगवाना ठीक रहेगा या नहीं। हालांकि सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती ने यह साफ कर दिया है कि रोजे के दौरान वैक्सीन लगवाने से रोजा नहीं टूटेगा। ऐसे में माना जा रहा है कि रमजान के दौरान वैक्सीन लगवाने को लेकर मुसलमानों की हिचकिचाहट दूर होगी। बता दें कि दुनिया के कई देशों में वैक्सीनेशन प्रोग्राम ने जोर पकड़ लिया है और फिलहाल दुनिया में रोजाना लाखों लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है।
UAE ने इफ्तार पार्टियों पर लगाई रोक
इस बीच संयुक्त अरब अमीरात ने रमजान के दौरान इफ्तार पार्टियों पर रोक लगा दी है। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए यूएई की सरकार ने यह रोक लगाई है। बता दें कि रमजान के महीने में यूएई में घरों और दफ्तरों में भव्य इफ्तार पार्टियां आयोजित करने का चलन रहा है। प्रशासन ने सलाह दी है कि लोग शाम को आपस में मिलने-जुलने से बचें और एक-दूसरे के घरों और परिवारों में खाने का आदान-प्रदान न करें। संयुक्त अरब अमीरात में 50 प्रतिशत से भी ज्यादा आबादी को कोरोना वायरस से बचाव की वैक्सीन दी जा चुकी है। सरकार का इरादा यूएई में शत-प्रतिशत टीकाकरण का है।