बीजिंग: भारतीय संगीत प्रेमियों, कॉरपोरेट हाउस और चीन स्थित राजनयिक मिशन ने पहली बार साथ मिलकर एक सांस्कृतिक समूह चैती का गठन किया है, ताकि चीन में लोगों के बीच भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रचार किया जा सके। यह संस्थान भारतीय संगीतकारों के साथ प्रति वर्ष संगीत कार्यक्रमों का आयोजन करने पर विचार कर रहा है।
शंघाई में चार साल पहले गठित इस समूह ने इस वर्ष लोकप्रिय सरोद वादकों अमान अली और अयान अली के साथ शंघाई और बीजिंग में संगीत संध्या का सफल आयोजन किया था। कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम में दर्शकों और श्रोताओं ने पारंपरिक रागों और लोक संगीत का लुत्फ उठाया। इस दौरान श्रोताओं को शांत आध्यात्मक संगीत के साथ-साथ जुगलबंदी सुनने को भी मिली।
संगठन के संस्थापकों में से एक रवि शंकर बोस ने बताया कि हिन्दू पंचांग के पहले महीने चैत के नाम पर आधारिक संगठन चैती का गठन किया गया है। चैत का या महीना हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत से भी जुड़ा हुआ है। भारतीय शास्त्रीय संगीत को सारी दुनिया में बहुत सम्मान की नज़र से देखा जाता है, यही वजह है कि चीनी जनता में भी संगीत की इस विधा के लिए उत्सुकता देखी गई है। चीन में बसे भारतीयों की इस पहल से भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रचार-प्रसार चीनी जनता के बीच भी निश्चित रूप से होगा।