Budh Gochar 2026: बुध तेज रफ्तार से चलने वाला ग्रह माना जाता है, इसी कारण से इसकी स्थिति में जल्दी-जल्दी बदलाव देखने को मिलता है। बुध का गोचर प्रत्येक 23 से 27 दिनों में होता है। 22 जून को बुध कर्क राशि में गोचर शुरू करने जा रहा है। लेकिन ज्योतिष अनुसार इस राशि में बुध का आना शुभ नहीं माना जाता क्योंकि ये इस ग्रह की शत्रु राशि है। ऐसे में जानिए इस राशि में बुध के गोचर से किन राशि वालों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
मिथुन राशि
बुध का गोचर मिथुन राशि वालों की टेंशन बढ़ा सकता है। इस दौरान माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर आपकी चिंता बढ़ सकती है, जिससे हर समय आप मानसिक तनाव महसूस करेंगे। करियर में सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। जमीन-जायदाद से जुड़े विवाद सामने आ सकते हैं, इसलिए इस दौरान संपत्ति से जुड़े निर्णय बेहद सोच-समझकर लेने होंगे नहीं तो नुकसान हो सकता है।
उपाय: बुध के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए बुधवार के दिन ब्राह्मणों को फल का दान जरूर करें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। सेहत पर विशेष रूप से ध्यान देने होगा। छोटी-मोटी चीजों को नजरअंदाज करने से नुकसान हो सकता है। सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा न करें नहीं तो नुकसान हो सकता है।
उपाय: बुध के बुरे प्रभाव से बचने के लिए बुधवार के दिन हरी सब्जियों का दान करें।
मकर राशि
मकर राशि वालों को बुध गोचर के दौरान अपने व्यवहार और बातचीत करने के तरीके पर विशेष ध्यान देना होगा। कार्यक्षेत्र में कोई आपकी छवि खराब करने की सोच सकता है। यदि आप विवाहित हैं तो जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हो सकता है, शांत रहकर ही किसी भी समस्या का समाधान निकाल पाएंगे। रिश्तों में छोटी बातों को बड़ा बनाने से बचें।
उपाय: बुध के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए बुधवार को गणेश चालीसा का पाठ करें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों को स्वास्थ्य के मामले में थोड़ी सावधानी बरतने होगी, क्योंकि इस दौरान स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है। संतुलित जीवनशैली अपनाएं और नियमित जांच कराते रहें। इस दौरान अपने गुस्से पर नियंत्रण रखना होगा, नहीं तो आपका नुकसान हो सकता है। इस दौरान जल्दबाजी में लिया गया फैसला आपकी परेशानी बढ़ा सकता है।
उपाय: बुध के मंत्रों का जाप फलदायी साबित होगा।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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