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रूस और अमेरिका के बीच बन गई बात, सोवियत इतिहास के बाद पहली बार हुई इतनी बड़ी डील

 Published : Aug 02, 2024 09:33 am IST,  Updated : Aug 02, 2024 09:33 am IST

यूक्रेन से जंग के बीच रूस और अमेरिका के बीच बड़ी डील हुई है। सोवियत संघ के बाद के इतिहास में रूस और अमेरिका के बीच कैदियों की सबसे बड़ा अदला-बदली हुई है।

America and Russia Deal (सांकेतिक तस्वीर)- India TV Hindi
America and Russia Deal (सांकेतिक तस्वीर) Image Source : FILE AP

वाशिंगटन: अमेरिका और रूस ने सोवियत इतिहास के बाद बृहस्पतिवार को बंदियों की अपनी सबसे बड़ी अदला-बदली पूरी की। इसके अंतर्गत मॉस्को ने वॉल स्ट्रीट जर्नल के रिपोर्टर इवान गेर्शकोविच, मिशिगन के कॉर्पोरेट सुरक्षा कार्यकारी पॉल व्हेलन और व्लादिमीर कारा मुर्जा समेत अन्य को रिहा कर दिया। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत एक-दूसरे के यहां जेलों में बंद लगभग दो दर्जन लोग मुक्त किए जाएंगे। 

जारी थी बातचीत

रूस-यूक्रेन जंग के बीच वाशिंगटन और मॉस्को के बीच संबंध सबसे निचले स्तर पर आ गए थे, लेकिन इसके बावजूद बंदियों की अदला-बदली के लिए पिछले दरवाजे से गुप्त बैठकें होती रहीं। यह समझौता पिछले दो वर्षों में रूस और अमेरिका के बीच कैदियों की अदला-बदली के लिए की गई बातचीत का नतीजा है। 

अमेरिका को चुकानी पड़ी बड़ी कीमत

अमेरिका को अपने नागरिकों की रिहाई के लिए एक बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। रूस ने पश्चिम में गंभीर अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए अपने नागरिकों की रिहाई...पत्रकारों, असंतुष्टों और अन्य पश्चिमी बंदियों को मुक्त करने के बदले में सुनिश्चित कर ली है। इस समझौते के तहत रूस ने वॉल स्ट्रीट जर्नल के एक संवाददाता गेर्शकोविच को रिहा कर दिया, जिन्हें 2023 में गिरफ्तार किया था और जुलाई में जासूसी के आरोपों में दोषी ठहराया गया था। इसके अलावा मिशिगन कॉर्पोरेट सुरक्षा कार्यकारी व्हेलन को भी रिहा कर दिया गया है जो 2018 से जासूसी के आरोप में जेल में थे।

यह भी जानें

रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी के पत्रकार अलसु कुर्मशेवा को भी समझौते के तहत रिहा किया गया है जिनके पास अमेरिका-रूस की दोहरी नागरिकता है और उन्हें जुलाई में रूसी सेना के बारे में गलत जानकारी फैलाने के लिए दोषी ठहराया गया था। रिहा किए गए असंतुष्टों में क्रेमलिन के आलोचक और पुलित्जर पुरस्कार विजेता लेखक कारा-मुर्जा भी शामिल हैं, जो देशद्रोह के आरोप में 25 साल की सजा काट रहे हैं। उनके अलावा रिहा किए गए लोगों में रूस के 11 राजनीतिक कैदी हैं, जिनमें दिवंगत रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी के सहयोगी और बेलारूस में गिरफ्तार एक जर्मन नागरिक शामिल है। (एपी)

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