1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. हमसे ज्यादा अमेरिकियों को यह समझौता जरूरी है, अगर वह हमारी शर्तें नहीं मानते तो हम अपना रास्ता खुद चुनेंगे: ईरान के सुरक्षा प्रमुख

हमसे ज्यादा अमेरिकियों को यह समझौता जरूरी है, अगर वह हमारी शर्तें नहीं मानते तो हम अपना रास्ता खुद चुनेंगे: ईरान के सुरक्षा प्रमुख

 Published : Apr 12, 2026 03:43 pm IST,  Updated : Apr 12, 2026 03:48 pm IST

Iran US Peace Talks: ईरान के सुरक्षा प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने रूसी मीडिया आरटी को दिए साक्षात्कार में कहा है कि इस समझौते की हमसे ज्यादा जरूरत अमेरिका को है, अगर वह हमारी शर्तें नहीं मानते तो ईरान अपना रास्ता खुद चुनेगा।

इब्राहिम अजीजी, ईरान के सुरक्षा प्रमुख। - India TV Hindi
इब्राहिम अजीजी, ईरान के सुरक्षा प्रमुख। Image Source : X@RT_COM

Iran US War: ईरान-अमेरिका के बीच इस्लामाबाद शांति वार्ता फेल होने के बाद सीजफायर टूटने का खतरा बढ़ गया है। इस बीच ईरान के सुरक्षा प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने रूसी मीडिया RT को विशेष साक्षात्कार में अमेरिका को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा, "हमसे ज्यादा अमेरिकियों को इस समझौते की जरूरत है। अजीजी ने जोर देकर कहा कि यदि अमेरिका ईरान की शर्तों को नहीं मानता है, तो हम अपना रास्ता खुद चुनेंगे, और कुछ भी नहीं बदलेगा।"

अपने परमाणु कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेगा ईरान

अजीजी ने कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेगा और न ही होर्मुज से अपना नियंत्रण छोड़ेगा। ईरानी सुरक्षा प्रमुख ने कहा कि इस्लामाबाद में हुई लंबी वार्ताओं के बावजूद कोई समझौता नहीं हो सका, क्योंकि अमेरिका ने अत्यधिक मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण, ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटवाने और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपने वैध अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि अगर वे हमारी बात नहीं मानते, तो हम स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ेंगे। हमारे परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव पर कोई समझौता नहीं हो सकता।

होर्मुज ईरान की शर्तों पर ही खुलेगा

ईरानी सुरक्षा प्रमुख ने कहा कि हम अपने पिछले कुछ अनुभवों के आधार पर अमेरिका पर भरोसा नहीं कर सकते। अमेरिका की वादाखिलाफी साफ है। अजीजी ने जोर दिया कि ईरान 40 दिनों की "थोपी गई जंग" के बाद भी मजबूत है और कोई भी दबाव उसे झुका नहीं सकता। होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का फैसला भी ईरान की शर्तों पर निर्भर करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका और उसके सहयोगी अगर ईरान की मांगें नहीं मानते तो वैश्विक ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहरा असर पड़ेगा। अजीजी ने कहा, "अमेरिका को समझना चाहिए कि ईरान अब पुरानी नीतियों में नहीं फंसेगा। हम अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे।" 

अमेरिका पर नहीं कर सकते भरोसा

अमेरिका से शांति वार्ता फेल होने के बाद ईरानी संसद के प्रमुख गालिबाफ का भी पहला बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, “वार्ता शुरू होने से पहले मैंने जोर देकर कहा था कि हममें आवश्यक सद्भावना और इच्छाशक्ति तो है, लेकिन पिछले दो युद्धों के अनुभवों के कारण हम विपक्षी पक्ष पर कोई भरोसा नहीं कर सकते। मेरे सहयोगियों ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल ‘मीनाब 168’ की ओर से भविष्योन्मुखी और सकारात्मक पहलें रखीं, लेकिन इस दौर की वार्ताओं में विपक्ष ईरानी प्रतिनिधिमंडल का विश्वास जीतने में पूरी तरह असफल रहा।”

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश