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शेख हसीना को फांसी की सजा, ICT ने कहा- निहत्थे प्रदर्शनकारियों को मारा, पूर्व PM का रिएक्शन भी आया सामने

 Edited By: Amit Mishra
 Published : Nov 17, 2025 01:52 pm IST,  Updated : Nov 17, 2025 04:24 pm IST

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को बड़ा झटका लगा है। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी-बीडी) ने हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराध का दोषी ठहराया है। शेख हसीना फिलहाल भारत में हैं।

Sheikh Hasina- India TV Hindi
Sheikh Hasina Image Source : AP

Sheikh Hasina Verdict: बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी-बीडी) ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने हसीना को फांसी की सजा सुनाई है। ट्रिब्यूनल ने कहा है कि हमने मानवाधिकार संगठन और अन्य संगठनों की कई रिपोर्ट्स पर विचार किया है। हमने क्रूरताओं का विवरण भी दिया है। शेख हसीना ने मानवता के खिलाफ अपराध किए। ट्रिब्यूनल ने फैसले में यह भी कहा है कि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मारे गए हैं। ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा है कि अवामी लीग के कार्यकर्ता कथित रूप से सड़कों पर उतर आए और पार्टी नेतृत्व की पूरी जानकारी में सुनियोजित हमले किए।

हसीना को दी गई फांसी की सजा

ट्रिब्यूनल ने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व की ओर से दिए गए सीधे आदेशों की वजह से प्रदर्शनकारियों और अन्य नागरिकों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हुआ। मामले में अभियोजकों ने दोषी के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि हसीना सरकार की ओर से आदेश के बाद 15 जुलाई से 15 अगस्त के बीच ‘विद्रोह’ के दौरान 1,400 लोग मारे गए थे। 11 हजार से अधिक लोग हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार किए गए थे।

शेख हसीना ने दी तीखी प्रतिक्रिया

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतर्राष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल (ICT) की ओर से उनके खिलाफ दिए गए फैसलों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि उनके खिलाफ दिया गया फैसला ‘राजनीति से प्रेरित, धांधली से भरा और गैर-निर्वाचित अंतरिम सरकार की ओर से संचालित साजिश’ का हिस्सा हैं। हसीना ने कहा कि अंतरिम सरकार के उग्र तत्व उन्हें और अवामी लीग को राजनीति से समाप्त करना चाहते हैं। हसीना ने कहा कि ICT निष्पक्ष अदालत नहीं है और इसे ऐसी सरकार चला रही है जिसे जनता का कोई जनादेश प्राप्त नहीं है।

'नहीं दिया गया अपना पक्ष रखने का मौका'

हसीना ने अपने बयान में कहा कि ICT में उनके खिलाफ लगाया गया कोई भी आरोप सही नहीं है और हिंसा को लेकर चलाए गए मुकदमे का उद्देश्य कभी भी न्याय नहीं था। उनके अनुसार, यह मुकदमा अवामी लीग को दोषी ठहराने और अंतरिम सरकार की विफलताओं से दुनिया का ध्यान हटाने के लिए चलाया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें अदालत में अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया और उन्हें अपने पसंद के वकील रखने का अधिकार भी नहीं मिला।

बांग्लादेश में चरमरा गई है व्यवस्था

शेख हसीना ने कहा कि यूनुस के शासन में, सार्वजनिक सेवाएं चरमरा गई हैं। देश की सड़कों से पुलिस पीछे हट गई है और न्यायिक निष्पक्षता को नुकसान पहुंचा है, अवामी लीग के समर्थकों पर हमले बेखौफ हो रहे हैं। हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं। महिलाओं के अधिकारों का दमन किया जा रहा है। प्रशासन के अंदर मौजूद इस्लामी कट्टरपंथी बांग्लादेश की धर्मनिरपेक्ष सरकार की लंबी परंपरा को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। हसीना ने कहा कि यूनुस के शासन में इस्लामिक कट्टरवादी, सरकार के संरक्षण में सक्रिय हैं। पत्रकारों को गिरफ्तार किया जा रहा है, आर्थिक विकास ठप हो गया है और यूनुस ने जानबूझकर चुनावों को टालते हुए देश की सबसे पुरानी पार्टी को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखा है।

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