बीजिंग: भारत के पीएम नरेंद्र मोदी चीन दौरे पर हैं। वह चीन में हो रही SCO समिट में भाग ले रहे हैं। यहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई। आज पीएम मोदी SCO समिट में ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मिले।
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SCO समिट की वजह से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पूरी दुनिया की नजर में बने हुए हैं। जिस तरह PM मोदी का निजी जीवन संघर्षों से भरा रहा, इसी तरह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का निजी जीवन भी काफी संघर्षमय रहा है। उनके जीवन में भी काफी तूफानी मोड़ रहे हैं। उनके पिता को जेल हुई और उनकी बहन ने खुदकुशी की। इसके बावजूद जिनपिंग जीवन में आगे बढ़ते रहे और कभी पलटकर पीछे नहीं देखा।
क्या है शी जिनपिंग के पिता के जेल जाने की कहानी?
शी जिनपिंग के पिता शी चोंगशुन कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापकों में से एक थे। वह चीन के उप प्रधानमंत्री भी रहे। लेकिन उनका जीवन आसान नहीं रहा। 1962 में सांस्कृतिक क्रांति से पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पिता शी चोंगशुन को उनके पद से हटा दिया गया और जेल में डाल दिया गया।
बहन ने खुदकुशी की
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शी जिनपिंग की बहन ने चीन में सांस्कृतिक क्रांति (1966-1976) के दौरान आत्महत्या कर ली थी। यह उस समय की बात है जब शी जिनपिंग का परिवार गंभीर राजनीतिक और सामाजिक दबाव का सामना कर रहा था। उनके पिता, शी चोंगशुन, जो कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता थे, को माओ ज़ेडॉन्ग के आदेश पर जेल में डाल दिया गया था, और परिवार को भारी उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। इस कठिन दौर में जिनपिंग की बहन ने सामाजिक और पारिवारिक दबाव के कारण आत्महत्या कर ली।
हालांकि तमाम कठिनाइयों के बावजूद शी जिनपिंग ने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे। इसी का नतीजा है कि आज वह चीन के सबसे ताकतवर नेता हैं।