पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों नेता इन दिनों चीन के त्येनजिन में मौजूद हैं। आज सोमवार को पीएम मोदी - पुतिन और शी जिनपिंग की मुलाकात हुई। इसके बाद एक और तस्वीर आई, जिससे अमेरिका जल-भुन जाएगा। यहां चीन के त्येनजिन में अपनी द्विपक्षीय बैठक के लिए मोदी और पुतिन ने एक ही कार में यात्रा की। इसकी तस्वीर भी सामने आई है, जो खुद पीएम मोदी ने एक्स पर शेयर की है। ये तस्वीर दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंधों को दर्शाती है। बता दें कि यह तस्वीर शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद सामने आई।
पीएम मोदी ने शेयर की तस्वीर
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर रूस की राष्ट्रपति पुतिन के साथ एक ही कार में सवार होकर यात्रा करने की तस्वीर शेयर की है। पुतिन के साथ अपनी यात्रा की तस्वीर साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, "एससीओ शिखर सम्मेलन स्थल पर मुलाकात होने के बाद, राष्ट्रपति पुतिन और मैं अपनी द्विपक्षीय बैठक स्थल तक साथ-साथ गए। उनके साथ बातचीत हमेशा ज्ञानवर्धक होती है।"
दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को लगाया गले
एससीओ शिखर सम्मेलन से पहले, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने हाथ मिलाया और एक-दूसरे को गले लगाया। बैठक के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गर्मजोशी से भरी बातचीत की तस्वीर साझा की, जिसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, "राष्ट्रपति पुतिन से मिलकर हमेशा खुशी होती है।"
आतंकवाद के खिलाफ पीएम मोदी का कड़ा संदेश
बता दें कि इससे पहले एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। पीएम मोदी ने कहा, "आतंकवाद और उग्रवाद मानवता के लिए एक संयुक्त चुनौती हैं। जब तक ये खतरे बने रहेंगे, कोई भी देश या समाज खुद को सुरक्षित नहीं मान सकता।"
अमेरिकी टैरिफ के बीच हुई मुलाकात
पीएम मोदी की त्येनजिन में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब भारत-अमेरिका के बीच व्यापार पर टैरिफ का दबाव चल रहा है। इस मुलाकात का समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय आयातों पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। ट्रंप और उनके प्रशासन के शीर्ष सदस्यों ने रूसी तेल खरीदने के लिए भारत की बार-बार आलोचना की है। अमेरिका का तर्क है इस तरह के लेन-देन से भारत अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन में रूस की सैन्य कार्रवाइयों का समर्थन कर रहा है।