अमेरिका और ईरान के बीच हो रही डील पर फिर पेंच फंस गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत को बंद करने का फैसला किया है। BBC ने ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी तसनीम के हवाले से जानकारी दी है कि लेबनान में सीजफायर के उल्लंघन का हवाला देते हुए ईरान ने अमेरिका से बातचीत को निलंबित करने का फैसला किया है। बता दें कि बीते कुछ दिनों से इजरायल ने लेबनान के ऊपर हमले तेज कर दिए हैं।
ईरानी विदेश मंत्री ने क्या कहा?
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी अमेरिका के साथ सीजफायर को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा- "जरूरी सूचना- ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम स्पष्ट रूप से लेबनान सहित सभी मोर्चों पर एक व्यापक युद्धविराम है। किसी भी मोर्चे पर इस युद्धविराम का उल्लंघन सभी मोर्चों पर उल्लंघन माना जाएगा। युद्धविराम के किसी भी उल्लंघन के परिणामों के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल दोनों जिम्मेदार होंगे।"
चुप रहना बहुत अच्छा होगा- ट्रंप
ईरान के साथ बातचीत निलंबित होने की खबरों में पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी सामने आ गया है। ट्रंप ने सोमवार को कहा है कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है लेकिन अगर यह सच है, तो कोई बात नहीं। ट्रंप ने कहा- "मुझे लगता है कि हम बहुत ज्यादा बात कर रहे हैं। चुप रहना बहुत अच्छा होगा। चुप रहने का मतलब यह नहीं है कि हम बम गिराना शुरू कर देंगे, हम नाकाबंदी जारी रखेंगे। नाकाबंदी लोहे की तरह मजबूत है।" जब उनसे पूछा गया कि क्या वह ईरान के शांत होने का इंतजार कर सकते हैं, तो उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि मैं तब तक इंतजार कर सकता हूं जब तक वे चाहें। उन्हें भारी नुकसान हो रहा है।"
मिडिल ईस्ट में मिसाइल और ड्रोन हमले जारी
बीते कुछ समय से मिडिल ईस्ट में फिर मिसाइल और ड्रोन चलने लगे हैं। अमेरिका ईरान के सैन्य ठिकानों पर अटैक कर रहा है तो ईरान भी अमेरिकी बेस को निशाना बना रहा है। अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के गोरुक और केश्म आईलैंड पर रडार और ड्रोन कंट्रोल साइट्स को निशाना बनाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि उसने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो ड्रोन को तबाह कर दिया है। तो उधर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है। IRGC ने दावा किया कि उनसे उस अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है जिसका इस्तेमाल उसपर अटैक के लिए किया गया।ईरानी सेना ने कल अमेरिकी MQ1 ड्रोन को भी मार गिराने का दावा किया था। हालांकि, ईरान ने ये नहीं बताया कि उसने अमेरिका के किस बेस को टारगेट किया है लेकिन उसने मिसाइल अटैक का वीडियो जारी किया है और कुवैत में ईरानी अटैक को लेकर सायरन भी बज रहे हैं।
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