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'इस साहसिक फैसले को इतिहास याद रखेगा', ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद नेतन्याहू बोले

 Published : Jun 22, 2025 09:13 am IST,  Updated : Jun 22, 2025 09:13 am IST

Israel Iran War: अमेरिका ने जो काम किया है वह धरती पर कोई दूसरा देश नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि इतिहास इसे याद रखेगा।

Benjamin Netanyahu - India TV Hindi
बेंजामिन नेतन्याहू, पीएम, इजरायल Image Source : ANI

Israel Iran War America Stikes Iran nuclear sites: ईरान के तीन बड़े परमाणु ठिकानों को तबाह करने के बाद इजारयल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का रिएक्शन सामने आया है। उन्होंने इस हमले पर अमेरिका की तारीफ की है और कहा कि अमेरिका ने जो काम किया है वह धरती पर कोई दूसरा देश नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि इतिहास इसे याद रखेगा।

साहसिक निर्णय इतिहास बदल देगा

नेतन्याहू ने राष्ट्रपति ट्रंप की भी तारीफ की और कहा कि इतिहास ट्रंप को याद रखेगा कि कैसे उन्होंने दुनिया के सबसे खतरनाक शासन का मुकाबला किया और दुनिया के सबसे खतरनाक हथियारों के निर्माण से ईरान को रोका। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने का आपका साहसिक निर्णय इतिहास बदल देगा। 

किन तीन परमाणु ठिकानों पर हुआ हमला?

बता दें कि ईरान के तीन परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज और इस्फान पर हवाई हमला किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सबसे पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस हमले की पुष्टि की। उन्होंने लिखा कि अमेरिका की सेना ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर एक सफल हमले को अंजाम दिया है। 

ईरानी परमाणु एजेंसी ने हमले की पुष्टि की

ईरान की परमाणु एजेंसी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि फोर्डो, इस्फहान और नतांज परमाणु केन्द्रों पर हमले हुए हैं। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा परमाणु केन्द्रों पर अमेरिकी हमले की घोषणा के बाद ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी।  ईरान का परमाणु ऊर्जा संगठन ने अपने बयान में कहा कि दुश्मनों की बुरी साजिशों के बावजूद वह अपने हजारों क्रांतिकारी और प्रतिबद्ध वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों के प्रयासों से उठ खड़ा होगा।

शांति की राह पर आए ईरान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि ईरान को अब शांति का रास्ता अपनाना चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करता है तो भविष्य में उसे और बड़े हमले झेलने होंगे। उन्होंने कहा कि ईरान को यह तय करना है कि उसे शांति चाहिए या त्रासदी। उधर, ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्ला खामेनेई ने परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद कहा कि अमेरिका को इसका नतीजा भुगतना होगा। उसपर ऐसे हमले होंगे जो पहले कभी नहीं हुए।

 

 

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