Israel US Iran War Update LIVE: इजरायल ने ईरानी इमाम हुसैन डिवीजन के एक वरिष्ठ कमांडर अली मुस्लिम तबाजा को एक हमले में ढेर कर दिया है। आईडीएफ ने एक्स पर यह सूचना जारी किया है। आईडीएफ के अनुसार ईरानी इमाम हुसैन डिवीजन के एक वरिष्ठ कमांडर अली मुस्लिम तबाजा को ढेर कर दिया है। तबाजा ने हिज़्बुल्लाह और डिवीजन दोनों में कई सैन्य भूमिकाएँ निभाईं थीं। बता दें कि इमाम हुसैन डिवीजन एक सैन्य बल है, जिसका उपयोग ईरानी कुद्स फोर्स द्वारा ईरानी धुरी को मजबूत करने और आईडीएफ और इजरायली नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए किया जाता है। मगर अब उसे मार दिया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर ईरान के सिक्योरिटी हेड अली लरिजानी ने बड़ा तंज कसा है, उन्होंने एक्स पर लिखा, "ट्रम्प ने कहा है, "हम एक घंटे के भीतर ईरान की बिजली आपूर्ति क्षमता को नष्ट कर सकते हैं, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया है।" खैर, अगर वे ऐसा करते हैं, तो आधे घंटे से भी कम समय में पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाएगा और अंधेरा अमेरिकी सैनिकों को जान बचाने के लिए भागने का भरपूर मौका देगा।" ट्रंप ने दुनिया को सबसे बड़ा तेल उत्पादक बताते कहा कि कीमतें बढ़ने से वह अधिक पैसा कमाते हैं, लेकिन राष्ट्रपति के रूप में मेरे लिए कहीं अधिक रुचि और महत्व का विषय यह है कि एक बुरे साम्राज्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाए, जो मध्य पूर्व को और वास्तव में पूरी दुनिया को नष्ट कर सकता है।"
भीषण हुई जंग
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रही जंग अब अपने 13वें दिन में प्रवेश कर गई है। जंग की वजह से ईरान में कम से कम 1,255 लोग मारे गए हैं और 12,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। ईरान ने अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों के जवाब में खाड़ी देशों यूएई, बहरीन, कुवैत, कतर और सऊदी अरब पर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। इन हमलों में नागरिक और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया है। हमलों में कई लोगों की मौत भी हुई है। जंग की वजह से पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। मिडिल-ईस्ट युद्ध के कारण दुनिया के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा तेल संकट पैदा हो गया है।
ईरानी संसद के अध्यक्ष ने कहा है कि अगर ईरान के द्वीपों पर किसी तरह का हमला हुआ तो पूरी फारस की खाड़ी हमलावरों के खून से लथपथ हो जाएगी। इधर संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि ईरान में युद्ध के चलते कम से कम 32 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई कुछ ही देर में अपना पहला संदेश जारी करेंगे।
जंग 28 फरवरी 2026 से तब शुरू हुई थी जब अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए थे। अमेरिका और इजरायल का मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को नष्ट करना है।
फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों, मिसाइल उत्पादन सुविधाओं, IRGC मुख्यालयों और यहां तक कि तेल भंडारण स्थलों पर लगातार हमले किए हैं। ईरान जवाब में इजरायल, अमेरिकी ठिकानों और खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान से जुड़ी घटनाओं पर ताजा अपडेट्स जानने के लिए आप इंडिया टीवी की डिजिटल टीम के साथ जुड़े रहें।