देश के कई राज्यों में गर्मी ने लोगों का हाल बेहल कर दिया है। ऐसे में कमरे को ठंडा रखना एक बड़ी चुनौती होती है। कमरे को ठंडा रखने के लिए लोग कूलर और पंखा 24 घंटे चलाते हैं। कूलर गर्मी में राहत देने का काम करता है। इसकी ठंडी ठंडी हवा सुकून पहुंचाती है। ऐसे में कई लोग कूलर के साथ पंखा भी चलाते हैं। लेकिन एक सवाल जो लोगों के मन में हमेशा रहता है वो है कूलर और पंखा एक साथ चलाना चाहिए या नहीं। क्या कूलर और पंखा एक साथ चलाने से कमरा ठंडा रहता है। चलिए जानते हैं।
कूलर और पंखा एक साथ चलाना: सही या गलत?
इसका सीधा जवाब है कूलर और पंखा एक साथ चलाने से कमरा ठंडा हो सकता है। कूलर एक ही दिशा में ठंडी हवा फेंकता है। अगर आप कमरे के दूसरे कोने में बैठे हैं, तो वहां तक ठंडक पहुंचने में समय लगता है। ऐसे में पंखा उस ठंडी हवा को पूरे कमरे में तेजी से फैलाने का काम करता है। कूलर हवा में नमी बढ़ाता है। अगर कमरा बंद है, तो चिपचिपाहट महसूस होने लगती है। पंखा चलने से हवा की गति बनी रहती है, जिससे पसीना जल्दी सूखता है और आपको कूलर की ठंडक का ज्यादा अहसास होता है।
कमरे को ठंडा रखने के अन्य प्रभावी उपाय
वेंटिलेशन है सबसे जरूरी
कूलर तभी सबसे अच्छी कूलिंग देता है जब कमरे में ताजी हवा आने और गर्म हवा बाहर जाने का रास्ता हो। कूलर को हमेशा खिड़की पर लगाएं ताकि वह बाहर की ताजी हवा खींच सके। कमरे के दूसरी तरफ का दरवाजा या खिड़की थोड़ी खुली रखें ताकि अंदर की उमस बाहर निकल सके।
खस की घास या पैड्स की सफाई
कूलर की घास अगर पुरानी या गंदी हो जाए, तो पानी का बहाव ठीक से नहीं होता। सीजन शुरू होने पर इन्हें बदल दें या अच्छे से साफ करें। पैड्स जितने ज्यादा गीले रहेंगे, हवा उतनी ही ठंडी होगी।
वाटर पंप पहले चलाएं
कूलर का पंखा चलाने से 5-10 मिनट पहले उसका पंप चला दें। इससे घास पूरी तरह भीग जाएगी। जब आप पंखा चालू करेंगे, तो पहली ही मिनट से आपको ठंडी हवा मिलेगी।
बर्फ का इस्तेमाल
आजकल कई कूलर्स में 'आइस चेंबर' होता है। पानी के टैंक में बर्फ डालने से हवा का तापमान काफी गिर जाता है, जो दोपहर की भीषण गर्मी में बहुत राहत देता है।