टोकियोः जापान में मध्यावधि चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया गया है। प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने शुक्रवार को संसद के निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) को भंग कर दिया। अब आगामी 8 फरवरी को मध्यावधि आम चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया। यह कदम प्रधानमंत्री बनने के मात्र तीन महीने बाद उठाया गया है, जिसमें वे अपनी उच्च लोकप्रियता (लगभग 70% अप्रूवल रेटिंग) का लाभ उठाकर सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) को मजबूत बहुमत दिलाना चाहती हैं।
जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं ताकाइची
अक्टूबर 2025 में ताकाइची जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं थीं। वे एक कट्टर रूढ़िवादी (हॉकिश) नेता हैं और उनकी पार्टी हाल के वर्षों में भ्रष्टाचार घोटालों, फंडिंग स्कैंडल और 'यूनिफिकेशन चर्च' से पुराने संबंधों के कारण बड़े नुकसान झेल चुकी है। 2024 के चुनाव में LDP गठबंधन को निचले सदन में केवल मामूली बहुमत मिला था, जबकि ऊपरी सदन में बहुमत नहीं है। इस चुनाव से पहले एक नया विपक्षी गठबंधन सेंट्रिस्ट रिफॉर्म अलायंस उभरा है, लेकिन विपक्ष अभी भी बिखरा हुआ है।
कौन बन सकता है जापान का अगला पीएम
ताकाइची की योजना अपनी व्यक्तिगत लोकप्रियता से LDP-जापान इनोवेशन पार्टी (JIP) गठबंधन को मजबूत करना है। मुख्य मुद्दे और चुनौतियां चुनावी अभियान आधिकारिक रूप से मंगलवार से शुरू होगा और केवल 12 दिन चलेगा।
इस कदम से महंगाई और मंदी से जूझती अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए महत्वपूर्ण बजट पर संसदीय मतदान टल जाएगा, जिसकी विपक्ष ने आलोचना की है। फिलहाल अगले पीएम की दौड़ में ताकाइची को सबसे मजबूत माना जा रहा है।
चीन के साथ जापान का पंगा
चीन के साथ जापान का तनाव बढ़ा हुआ है। ऐसे में ताकाइची की ताइवान समर्थक टिप्पणियों के बाद बीजिंग ने आर्थिक और राजनयिक प्रतिशोध तेज किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जापान से रक्षा खर्च बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, जबकि वाशिंगटन और बीजिंग क्षेत्र में सैन्य प्रभुत्व की होड़ में हैं। सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में ताकाइची ने कहा था, "मेरा मानना है कि एकमात्र विकल्प जनता के पास है, जो संप्रभु नागरिक के रूप में तय करे कि साने ताकाइची को प्रधानमंत्री बनना चाहिए या नहीं। मैं अपना प्रधानमंत्री पद का करियर दांव पर लगा रही हूं।" यह चुनाव जापान की राजनीति में एक बड़ा दांव है। अगर LDP मजबूत बहुमत हासिल कर लेती है, तो ताकाइची की स्थिति मजबूत हो जाएगी; अन्यथा उनका कार्यकाल खतरे में पड़ सकता है। निचला सदन (465 सीटें) जापान की द्विसदनीय संसद में अधिक शक्तिशाली है।
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