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अब यहां की इजरायली बस्तियां हो जाएंगी अवैध, जानिए संयुक्त राष्ट्र से कैसे मिला फिलिस्तीन को बल

 Published : Nov 12, 2022 11:36 am IST,  Updated : Nov 12, 2022 11:36 am IST

Palestine Accepted UN Resolution: फिलिस्तीन के क्षेत्रों में बसी इजयराली बस्तियों को अब अवैध करार दिया जाना आसान हो गया है। इससे फिलिस्तीन को बड़ा संबल मिल गया है। संयुक्त राष्ट्र ने फिलिस्तीन को उसके क्षेत्रों में बसी सभी इजरायली बस्तियों को अवैध करार देने का प्रस्ताव पास कर दिया है।

फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री महमूद अब्बास (फाइल फोटो)- India TV Hindi
फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री महमूद अब्बास (फाइल फोटो) Image Source : AP

Palestine Accepted UN Resolution: फिलिस्तीन के क्षेत्रों में बसी इजयराली बस्तियों को अब अवैध करार दिया जाना आसान हो गया है। इससे फिलिस्तीन को बड़ा संबल मिल गया है। संयुक्त राष्ट्र ने फिलिस्तीन को उसके क्षेत्रों में बसी सभी इजरायली बस्तियों को अवैध करार देने का  प्रस्ताव पास कर दिया है। इससे बस्तियों में रहने वालों की मुश्किलें बढ़ना अब तय माना जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने फिलिस्तीन को कई प्रस्ताव दिए हैं।

फिलिस्तीन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा पेश किए प्रस्तावों में चार प्रस्तावों को अपनाने का फैसला किया है। इसमें एक फिलिस्तीनी क्षेत्रों में इजरायली बस्तियों को अवैध करार देना भी शामिल है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार फिलिस्तीनी विदेश मंत्री रियाद अल-मलिकी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि फिलिस्तीन ने प्रस्ताव के पक्ष में संयुक्त राष्ट्र के वोट और इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय समर्थन का स्वागत किया है।

फैसले से फिलिस्तीन खुश

विदेश मंत्री अल-मलिकी ने कहा, ये फैसले हमारे फिलिस्तीनी लोगों के वैध अधिकारों की पुष्टि करते हैं, जिनमें से सबसे महत्वपूर्ण आत्मनिर्णय का अधिकार और फिलिस्तीनी (शरणार्थियों) का अपने घरों में लौटने का अधिकार है। शुक्रवार को, संयुक्त राष्ट्र महासभा की चौथी समिति ने इजरायल-फिलिस्तीनी मुद्दों पर चार प्रस्तावों को अपनाया, जिनमें से दो फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) के जनादेश का विस्तार करने और फिलिस्तीनी शरणार्थियोंको सहायता प्रदान करने के पक्ष में थे। बाकी दो प्रस्ताव फिलिस्तीनी शरणार्थियों की संपत्ति और उनके राजस्व के पक्ष में हैं।

इसके अलावा, यह प्रस्ताव पूर्वी यरुशलम और सीरियाई गोलन समेत कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र में इजरायली बस्तियों और प्रथाओं के खिलाफ हैं। फिलिस्तीनी 1967 में इजरायल के कब्जे वाले क्षेत्रों में एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य स्थापित करना चाहते हैं, जिसमें वेस्ट बैंक, गाजा पट्टी और पूर्वी यरुशलम को अपनी राजधानी के रूप में शामिल किया गया है।

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