जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट लीग में खिलाड़ी द्वारा हेलमेट पर फिलिस्तीन का झंडा लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने खिलाड़ी को पूछताछ के लिए बुलाया है।
इटली की आतंकवाद निरोधक पुलिस ने हमास के लिए फंडिंग करने के आरोप में 9 लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों पर लगभग 74 करोड़ रुपये भेजने का आरोप है। इस जांच में EU के अन्य देशों का भी सहयोग रहा।
इजरायल पर शुक्रवार को एक और आतंकी हमला हो गया। इजरायली सेना के अनुसार एक फिलिस्तीनी हमलावर ने लोगों को कार से रौंद कर व चाकू से मारकर 2 लोगों की हत्या कर दी।
इजरायल-हमास युद्ध में फिलस्तीनी मृतकों की संख्या बढ़कर 70 हजार से ज्यादा हो गई है। यह जानकारी गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई है।
सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बड़ी बैठक हुई है। इस बैठक में ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका, सऊदी अरब को इजरायल जैसे F-35 लड़ाकू विमान देगा।
इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका के दौरे पर हैं। जानकारी सामने आई है कि नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस से फोन कॉल पर कतर के पीएम से माफी मांगी है। ट्रंप भी इस कॉल में मौजूद थे।
फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि गाजा में जंग खत्म होने के बाद हमास की शासन में कोई भूमिका नहीं होगी। अब्बास ने कहा कि फिलिस्तीन इजरायल पर किए गए हमास के हमले को अस्वीकार करता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और इसके पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को अब तक सबसे बड़ा झटका दिया है। ट्रंप ने साफ तौर पर कह दिया है कि वह इजरायल को वेस्ट बैंक पर कब्जा नहीं करने देंगे।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रोबोवो सुबिआंतो ने संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण में इजरायल और फिलिस्तीन को लेकर अपनी राय रखी। प्रोबोवो अपने भाषण के अंत में UN में 'ॐ शांति ॐ' भी कहा।
इजरायल और गाजा के बीच जारी संघर्ष को लेकर इटली में बड़ा प्रदर्शन शुरू हो गया है। इटली के रोम और मिलान शहर में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। इस कारण ट्रेनें रोकी गई हैं और पोर्ट बंद किए गए हैं।
फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने हमास से हथियार डालने को कहा है। महमूद अब्बास ने ये भी साफ कर दिया है कि गाजा में हमास की कोई भूमिका नहीं होगी।
संयुक्त राष्ट्र की बैठक में फ्रांस ने फिलिस्तीन को एक राष्ट्र के तौर पर मान्यता दे दी है। राष्ट्रपति मैक्रों ने इसका मकसद मध्य पूर्व में इजरायल और फिलिस्तीन के बीच शांति स्थापित करना बताया है।
भारत की कूटनीति ने फिलिस्तीन के मुद्दे पर एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है। भारत ने फिलिस्तीन के पक्ष में संयुक्त राष्ट्र में लाए गए उस प्रस्ताव का खुलकर समर्थन और मतदान किया, जिसका इजरायल विरोध कर रहा था।
संयुक्त राष्ट्र में भारत समेत 142 देशों ने फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र की मान्यता देने वाले 'न्यूयॉर्क डिक्लेरेशन' का समर्थन किया। इस प्रस्ताव का अमेरिका और इजरायल ने विरोध किया है।
ब्रिटिश पार्लियामेंट के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद लंदन पुलिस ने सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
फ्रांस ने इजरायल को इतिहास का सबसे बड़ा झटका दिया है। राष्ट्रपति मैक्रों ने घोषणा कर दी है कि फ्रांस फिलिस्तीन को देश के तौर पर मान्यता देगा।
ब्रिटेन में फिलिस्तीन एक्शन को आतंकी संगठन घोषित किए जाने के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हुए। लंदन में 42 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मुहर्रम जुलूस की कई तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें ईरान और फिलिस्तीन के झंडे देखे जा सकते हैं। जुलूस में शामिल लोगों के हाथ में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई और हिजबुल्लाह के कई कमांडरों की तस्वीरें भी थीं। हालांकि, इस जुलूस में किसी तरह कि हिंसा नहीं हुई।
दक्षिणी गाजा में सहायता केंद्र तक पहुंचने की कोशिश कर रहे फिलिस्तीनियों की भीड़ के बीच इजरायली टैंक और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं।
पोप लियो 14वें ने गाजा में मानवीय पहल को आगे बढ़ाने व युद्ध में शांति का आह्वान किया है। इसके साथ ही उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भी मध्यस्थता करने की बात कही है।
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