संयुक्त राष्ट्र: अमेरिका की ओर से वीजा रद्द किए जाने के बाद फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने वीडियो जारी कर विश्व नेताओं से कहा कि उनके लोग 2023 में इजरायल पर हमास के हमले को अस्वीकार करते हैं। अब्बास ने कहा कि जंग समाप्त होने के बाद गाजा पर शासन करने में हमास की कोई भूमिका नहीं होगी और उसे अपने हथियार सौंपने होंगे। अब्बास ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को बताया कि गाजा में फिलिस्तीन के लोग इजरायल द्वारा "नरसंहार, विनाश, भुखमरी और विस्थापन का सामना कर रहे हैं।" उनका यह भाषण ऐसे समय में आया है जब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू शुक्रवार को न्यूयॉर्क में व्यक्तिगत रूप से अपना संबोधन देंगे।
जंग के बाद गाजा में क्या होगा?
गाजा में हुई मौतों और विनाश का खौफनाक ब्योरा देने के बावजूद, अब्बास ने कहा कि फिलिस्तीन सात अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा की गई कार्रवाई को अस्वीकार करता है और यह उनके लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। उन्होंने जंग खत्म होने के बाद क्षेत्रों में सरकार को लेकर नजरिया भी पेश किया और कहा कि फिलिस्तीन प्राधिकरण "शासन और सुरक्षा के लिए पूरी जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार है।"
'हमास की शासन में भूमिका नहीं होगी'
अब्बास ने कहा कि हमास की शासन में कोई भूमिका नहीं होगी और उसे फिलिस्तीन अधिकारियों को अपने हथियार सौंपने होंगे। अब्बास ने कहा, "अगर फिलिस्तीन को आजाद नहीं किया गया तो इंसाफ नहीं हो सकता।" अब्बास ने गाजा युद्ध के दौरान फिलिस्तीनियों के लिए खड़े रहने वाले विश्व नेताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन राष्ट्र को हाल में मिली मान्यता से उनके लोगों की यह उम्मीद बढ़ी है कि संघर्ष का अंत होगा। उन्होंने फ्रांस, ब्रिटेन और कनाडा द्वारा फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की हालिया घोषणाओं का स्वागत किया और बाकी बचे कुछ देशों से भी ऐसा करने का आह्वान किया।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अब्बास ने की अपील
राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने यह भी कहा कि केवल प्रतीकात्मक मान्यता देना वर्तमान स्थिति को ठीक से संभालने के लिए पर्याप्त नहीं है। अब्बास ने कहा, “अब वक्त आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय फिलिस्तीनी लोगों के साथ सही व्यवहार करे, ताकि वो अपने वैध अधिकारों को प्राप्त कर सकें, कब्जे से मुक्ति पा सकें और इजरायली राजनीति के मिजाज के बंधक ना बने रहें, जो हमारे अधिकारों से इनकार करती है और अपने अन्याय, उत्पीड़न और आक्रामकता को जारी रखती है।"
'हम अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे'
अंत में राष्ट्रपति अब्बास ने फिलिस्तीनी लोगों को आशा का संदेश देते हुए कहा कि चाहे पीड़ा कितनी भी लंबी चले, "इसके नतीजे जीने और अस्तित्व में रहने की हमारी इच्छा को तोड़ नहीं पाएंगे।" राष्ट्रपति ने कहा, "आजादी का नया सवेरा आएगा और फिलिस्तीन का झंडा हमारे आसमानों में गर्व से लहरागा, जो गरिमा, स्थिरता और कब्जे से मुक्त होने का प्रतीक होगा।" उन्होंने कहा, "हम अपनी मातृभूमि नहीं छोड़ेंगे। हम अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे।" (एपी)
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