1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. भ्रष्टाचार सूचकांक में 2 पायदान नीचे आया पाकिस्तान, अफ्रीकी देशों का है और भी बुरा हाल

भ्रष्टाचार सूचकांक में 2 पायदान नीचे आया पाकिस्तान, अफ्रीकी देशों का है और भी बुरा हाल

 Published : Feb 11, 2025 11:18 pm IST,  Updated : Feb 11, 2025 11:18 pm IST

2024 के करप्शन परसेप्शन इंडेक्स (CPI) में पाकिस्तान 2 पायदान गिरकर 135वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि 2023 में वह 133वें स्थान पर था। पाकिस्तान को इस सूचकांक में 27 अंक मिले हैं।

Pakistan, Pakistan News, Pakistan Corruption Index- India TV Hindi
पाकिस्तान शुरू से ही दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों में शामिल रहा है। Image Source : PIXABAY REPRESENTATIONAL

इस्लामाबाद: करप्शन परसेप्शन इंडेक्स यानी कि CPI में पाकिस्तान 2 पायदान नीचे खिसककर 135 पर पहुंच गया है। बता दें कि 2023 में पाकिस्तान इस सूचकांक में 133वें स्थान पर था। पाकिस्तानी मीडिया की खबर के मुताबिक, CPI 180 देशों और क्षेत्रों को सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के कथित स्तर के आधार पर शून्य (अत्यधिक भ्रष्ट) से 100 (बहुत स्वच्छ) के पैमाने पर आंकता है। 2024 की रैंकिंग में पाकिस्तान को 27 अंक मिले और वह 135वें स्थान पर पहुंच गया। CPI रिपोर्ट हर साल ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल बर्लिन द्वारा जारी की जाती है।

‘स्कोर की गणना में TIP का कोई रोल नहीं’

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल पाकिस्तान यानी कि TIP ने बताया कि डेटा के संग्रह या देश के स्कोर की गणना में TIP का कोई रोल नहीं होता है। CPI 2023 में पाकिस्तान का स्कोर 29 था, जो CPI 2024 में 2 अंक घटकर 27 हो गया। वर्ष 1996 से 2024 तक पाकिस्तान की CPI रैंकिंग और स्कोर की लिस्टिंग करने वाले ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के दस्तावेज के मुताबिक, पिछले 10 सालों में पाकिस्तान का स्कोर 27 से 33 अंकों के बीच रहा है। बता दें कि इस इंडेक्स में उच्च स्कोर कम भ्रष्टाचार को दर्शाता है। वर्ष 2012 में जब सूचकांक का स्तर 10 से बढ़कर 100 पर आ गया तब से पाकिस्तान का स्कोर 2018 में 27 से बढ़कर 33 तक पहुंच गया था, लेकिन फिर गिरते-गिरते 27 पर आ गया।

पाकिस्तान शुरू से रहा है नीचे

पुराने आंकड़ों पर नजर डालें तो 1996 में पाकिस्तान 1/10 के स्कोर के साथ उस समय सूचकांक में शामिल 54 देशों में से नीचे से दूसरे स्थान पर था। 1997 से 2011 तक, देश का स्कोर ऊपर-नीचे होता रहा, 1998 में यह 2.7 तक पहुंच गया और 2004 और 2005 में 2.1 तक गिर गया। TIP के चेयरमैन जस्टिस (रिटायर्ड) जिया परवेज के मुताबिक, ओमान, चीन, तुर्किये और मंगोलिया को छोड़कर क्षेत्र के सभी देशों के स्कोर में गिरावट आई है। डेनमार्क ने लगातार 7वें साल इंडेक्स में सर्वोच्च स्कोर (90) हासिल किया, जबकि फिनलैंड (88) और सिंगापुर (84) क्रमश: दूसरे व तीसरे पायदान पर रहे।

अफ्रीकी देशों में है बहुत बुरा हाल

सबसे कम स्कोर वाले देशों में दक्षिण सूडान (8), सोमालिया (9), वेनेजुएला (10), सीरिया (12), लीबिया (13), इरिट्रिया (13), यमन (13) और इक्वेटोरियल गिनी (13) शामिल थे। इन देशों में अफ्रीकी देशों की संख्या सबसे ज्यादा है। लिस्ट में शामिल 47 देशों को सूचकांक में अब तक का सबसे कम स्कोर मिला है, जिनमें ऑस्ट्रिया (67), बांग्लादेश (23), ब्राजील (34), क्यूबा (41), फ्रांस (67), जर्मनी (75), हैती (16), हंगरी (41), ईरान (23), मैक्सिको (26), रूस (22), दक्षिण सूडान (8), स्विट्जरलैंड (81), अमेरिका (65) और वेनेजुएला (10) शामिल हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश