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S Jaishankar: तुर्किये के विदेश मंत्री मेवलेट कावुसोग्लू से मिले एस जयशंकर, साइप्रस मुद्दे पर हुई चर्चा

 Edited By: Shashi Rai @km_shashi
 Published : Sep 21, 2022 11:40 am IST,  Updated : Sep 21, 2022 11:40 am IST

S Jaishankar: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने तुर्किये के विदेश मंत्री मेवलेट कावुसोग्लू से साइप्रस के मुद्दे पर चर्चा की। दरअसल तुर्किये के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में कश्मीर का मुद्दा उठाया था जिसके बाद विदेश मंत्री ने कावुसोग्लू से साइप्रस के मुद्दे पर चर्चा की।

S Jaishankar and Turkish Foreign Minister Mevlet Kavusoglu- India TV Hindi
S Jaishankar and Turkish Foreign Minister Mevlet Kavusoglu Image Source : TWITTER/@DRSJAISHANKAR

Highlights

  • तुर्किये के विदेश मंत्री मेवलेट कावुसोग्लू से मिले एस जयशंकर
  • विदेश मंत्री ने कावुसोग्लू से साइप्रस के मुद्दे पर चर्चा की
  • तुर्किये के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर का मुद्दा उठाया था

S Jaishankar: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने तुर्किये के विदेश मंत्री मेवलेट कावुसोग्लू से साइप्रस के मुद्दे पर चर्चा की। दरअसल तुर्किये के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में कश्मीर का मुद्दा उठाया था जिसके बाद विदेश मंत्री ने कावुसोग्लू से साइप्रस के मुद्दे पर चर्चा की। दोनों विदेश मंत्रियों ने यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र से इतर मुलाकात की। जयशंकर ने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘‘तुर्किये के विदेश मंत्री मेवलेट कावुसोग्लू से यूएनजीए से इतर मुलाकात की। इस दौरान यूक्रेन युद्ध, खाद्य सुरक्षा, जी 20, वैश्विक व्यवस्था, एनएएम और साइप्रस के मुद्दों पर बातचीत हुई।’’ 

इस साल शुरू हुई साइप्रस समस्या

साइप्रस समस्या 1974 में तब शुरु हुई जब तुर्किये ने सैन्य तख्तापलट के जवाब में देश के उत्तरी हिस्से पर आक्रमण किया। यूनान की सरकार ने तख्ता पलट को समर्थन दिया था भारत संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुरूप शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करता रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब इर्दोगन ने अपने संबोधन में कश्मीर का मुद्दा उठाया। पाकिस्तान के करीबी एर्दोआन ने महासभा परिचर्चा के दौरान कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान 75 साल पहले अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता स्थापित करने के बाद भी अब तक आपस में शांति और एकजुटता कायम नहीं कर पाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम कश्मीर में स्थायी शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।’’ 

कश्मीर मुद्दे का उल्लेख किया

हाल के वर्षों में, एर्दोआन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्रों में संबोधन के दौरान कश्मीर मुद्दे का उल्लेख किया है, जिससे भारत और तुर्की के बीच संबंधों में तनाव पैदा हुआ है। भारत अतीत में उनकी टिप्पणी को “पूरी तरह से अस्वीकार्य” करार दे चुका है। भारत कहता रहा है कि तुर्की को अन्य देशों की संप्रभुता का सम्मान करना सीखना चाहिए और इसे अपनी नीतियों में अधिक गहराई से प्रतिबिंबित करना चाहिए। जयशंकर ने लीबिया के विदेश मंत्री नजिला इलमैनगोउश से भी मुलाकात की।

'मुलाकात करके अच्छा लगा'

उन्होंने ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद ट्वीट किया, ‘‘ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री अलेक्जेंडर शालेनबर्ग से मुलाकात करके अच्छा लगा। शिक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में हमारे सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया।’’ विदेश मंत्री ने घाना के राष्ट्रपति नाना अकुफो-अडो, कोमोरोस के राष्ट्रपति अजालि असोमनी से भी मुलाकत की। 

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