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Taliban Order on Burqa: तालिबान ने महिलाओं को सिर से पैर तक बुर्के में ढके रहने का दिया फरमान

 Published : May 07, 2022 07:54 pm IST,  Updated : May 07, 2022 07:54 pm IST

तालिबान के आचरण और नैतिकता मंत्री खालिद हनफी ने कहा, हम चाहते हैं कि हमारी बहनें सम्मान और सुरक्षा के साथ रहें।

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Afghan women walk through the old market as a Taliban fighter stands guard, in downtown Kabul, Afghanistan. Image Source : AP

Highlights

  • तालिबान ने महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर सिर से लेकर पैर तक बुर्के में ढके रहने का आदेश दिया है।
  • तालिबान द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक बुर्के में से महिलाओं की केवल आंख दिख सकती है।
  • तालिबान ने अपने आदेश में महिलाओं को सिर से लेकर पैर की उंगलियों तक को ढकने वाले बुर्के पहनने को कहा है।

Taliban Order on Burqa: अफगानिस्तान में सत्तारूढ़ तालिबान ने शनिवार को महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर सिर से लेकर पैर तक बुर्के में ढके रहने का आदेश दिया। इसके साथ ही मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की तालिबान द्वारा कट्टर रुख अपनाने की आशंका को बल मिला है। तालिबान के आदेश के मुताबिक महिलाओं की केवल आंख दिख सकती है और उन्हें सिर से लेकर पैर की उंगलियों तक को ढकने वाले बुर्के पहनने को कहा गया है। बता दें कि तालिबान ने वर्ष 1996-2001 के पिछले शासन काल में भी महिलाओं पर इसी तरह की सख्त पाबंदी लगाई थी।

अपने सबसे बुरे मानवीय संकट से गुजर रहा है अफगानिस्तान

तालिबान के आचरण और नैतिकता मंत्री खालिद हनफी ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि हमारी बहनें सम्मान और सुरक्षा के साथ रहें।’ तालिबान ने इससे पहले कक्षा 6 के बाद लड़कियों की शिक्षा पर रोक लगा दी थी और कट्टरपंथियों के तुष्टिकरण के प्रयास शुरू कर दिये। इससे वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय से और अलग-थलग हो जाएगा। इस फैसले से तालिबान की संभावित अंतरराष्ट्रीय दानकर्ताओं से मान्यता प्राप्त करने की कोशिशें भी बाधित हुई हैं, वह भी ऐसे समय में जब अफगानिस्तान सबसे बुरे मानवीय संकट से गुजर रहा है।

‘आंखों को छोड़कर महिलाओं का पूरा चेहरा ढका होना चाहिए’
आचरण और नैतिकता मंत्रालय के अधिकारी शीर मोहम्मद ने एक बयान में कहा, ‘सभी सम्मानित महिलाओं के लिए हिजाब जरूरी है और सबसे बेहतर हिजाब चादोरी (सिर से लेकर पैर तक ढंकने वाला बुर्का) है, जो हमारी परंपरा का हिस्सा है, जो सम्मानित है। जो महिलाएं बहुत बूढ़ी या बच्ची नहीं है उन्हें आंखों को छोड़ पूरा चेहरा ढकना चाहिए।’ आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर बाहर जरूरी काम नहीं है तो महिलाओं के लिए बेहतर होगा कि वे घर में ही रहें। हनफी ने कहा, ‘इस्लामिक सिद्धांत और इस्लामिक विचारधारा हमारे लिए किसी अन्य चीज से ज्यादा महत्वपूर्ण है।’

सत्ता पर कब्जे के बाद से आपस में ही लड़ रहा तालिबान
बता दें कि अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को पनाह देने की वजह से अमेरिका नीत गठबंधन सेनाओं ने वर्ष 2001 में तालिबान को अफगानिस्तान की सत्ता से बेदखल कर दिया था। हालांकि, पिछले साल तालिबान की सत्ता में वापसी अमेरिका द्वारा अफरा-तफरी के माहौल में अफगानिस्तान छोड़ने दौरान हुई। अफगानिस्तान की सत्ता पर पिछले साल अगस्त में कब्जा करने के बाद से ही तालिबान नेतृत्व आपस में लड़ रहा है। तालिबान के भीतर ही कट्टरपंथियों और अपेक्षाकृत उदारवादियों के बीच खींचतान चल रही है।

अफगानिस्तान के कई हिस्सो में मुश्किल में लड़कियो की पढ़ाई
कई अफगानों में इस बात को लेकर भी गुस्सा है कि सिराजुद्दीन हक्कानी जैसे युवा पीढ़ी के तालिबानी नेता अपनी बेटियों को तो पाकिस्तान में पढ़ा रहे हैं लेकिन सत्ता में आने के बाद से अफगानिस्तान की महिलाओं और लड़कियों को अपनी पीछे ले जाने वाली सोच से निशाना बना रहे हैं। तालिबान के सत्ता में आने के बाद से देश के अधिकतर हिस्सों में कक्षा 6 के बाद लड़कियों को स्कूल जाने पर रोक है। हालांकि, राजधानी काबुल में निजी स्कूल और विश्वविद्यालय बिना किसी अड़चन के काम कर रहे हैं।

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