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होर्मुज को लेकर महायुद्ध! अमेरिका ने ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाया निशाना, तेहरान ने की कुवैत पर मिसाइलों की बौछार

 Written By: Niraj Kumar @nirajkavikumar1
 Published : Jul 18, 2026 05:25 pm IST,  Updated : Jul 18, 2026 05:30 pm IST

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध लगातार तेज होता जा रहा है। अमेरिकी ने ईरान के सैन्य ठिकानों, निगरानी केंद्रों, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े हमले किए।

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हमले की तस्वीर Image Source : AP (FILE)

तेहरान: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कंट्रोल को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष शनिवार को और तेज हो गया। दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर भीषण हमले किए। जिस तरह से दोनों देश एक-दूसरे को ठिकानों को तबाह करने पर आमादा हैं उससे फिलहाल शांति के कोई आसर नहीं नहीं आ रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि लगातार सातवीं रात किए गए हमलों में "निगरानी स्थलों, सैन्य लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे, भूमिगत हथियार भंडारण और समुद्री क्षमताओं" को निशाना बनाया गया।

कुवैत में डिसैलिनेशन प्लांट में लगी आग

उधर, कुवैत ने शनिवार को कहा कि उसने ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों के हमलों को विफल कर दिया है। इस दौरान पानी को मीठा बनाने वाले प्लांट (डिसैलिनेशन प्लांट) पर हमला हुआ, जिससे आग लग गई। इसी डिसैलिनेशन प्लांट से कुवैत अपने पीने के पानी का 90 प्रतिशत हिस्सा  प्राप्त करता है। पिछले दो दिनों में यह दूसरा ऐसा हमला था। सुरक्षा को देखते हुए कुवैत ने कुछ समय के लिए अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया और कुवैत एयरवेज की उड़ानों को रीशेड्यूल किया गया। इसके अलावा, इराक ने इरबिल में ईरानी ड्रोन मार गिराए और जॉर्डन ने भी अपने एयर डिफेंस सिस्टम से मिसाइलों को ध्वस्त कर दिया।

इराक के इरबिल पर हमला

वहीं, इराक ने कहा कि उसने इरबिल शहर के ऊपर ड्रोनों को मार गिराया। जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा ने कहा कि देश के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ईरानी मिसाइलों को मार गिराया, जबकि सरकार के अनुसार बहरीन में कई बार हवाई हमले के सायरन बजे। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि हाल के अमेरिकी हमलों में ईरान में दर्जनों लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए। अमेरिकी सेना ने भी माना कि कई और सैनिक घायल हुए हैं। 

दोनों पक्षों को भारी नुकसान

 ईरानी अधिकारियों ने बताया कि हाल के अमेरिकी हमलों में 46 लोगों की मौत हुई है और 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं। शुक्रवार को एक पुल पर हुए हमले में आठ लोगों की जान गई। उधर, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि सोमवार से अब तक 13 अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें थलसेना के 10 और नौसेना के तीन जवान शामिल हैं। युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 14 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है और 427 सैनिक घायल हो चुके हैं। इससे पहले अमेरिका ने ईरान के कई नए इलाकों में हवाई हमले किए, जबकि जवाबी कार्रवाई में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन की ओर मिसाइल और ड्रोन दागे। 

 

ईरान में पुलों और बिजली घरों पर हमले 

इस युद्ध के शुरू होने से पहले अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत चल रही थी। अब ट्रंप पर युद्ध समाप्त करने और लंबे समय तक चलने वाले पश्चिम एशिया संघर्ष से दूरी बनाने का घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। ईरान में पुलों और बिजली घरों पर हमले हुए है। ईरान के सरकारी टेलीविजन के के मुताबिक, अमेरिकी हवाई हमलों में दक्षिणी होर्मोज़गान प्रांत के कई पुलों को निशाना बनाया गया। ईरानी सरकारी मीडिया ने एक दिन पहले कहा था कि इन हमलों का उद्देश्य बंदर अब्बास बंदरगाह को देश के मध्य भाग और तेहरान से जोड़ने वाले सड़क एवं रेल संपर्क को बाधित करना है। वहीं इस युद्ध के दौरान ईरान ने पहली बार यह माना है कि अमेरिकी हमलों में उसके बिजली घरों को भी नुकसान पहुंचा है। ऊर्जा मंत्रालय ने दक्षिणी प्रांतों के लोगों से बिजली की बचत करने की अपील की। ऊर्जा मंत्रालय की ओर से यह नहीं बताया गया कि कौन-से प्रतिष्ठान प्रभावित हुए।

होर्मुज संकट से तेल बाजार पर असर

ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बाधित कर दी थी जिससे ग्लोबन ऑयल मार्केट प्रभावित हुआ। शुक्रवार को क्रूड ऑयल की कीमत 86 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जबकि इस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या तीन सप्ताह के न्यूनतम स्तर पर आ गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए कहा, ''ईरान में भी हम बड़ी सफलता की ओर बढ़ रहे हैं और इसके नतीजे बहुत जल्द दुनिया के सामने होंगे।'' (AP)

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