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राजनीतिक चार्टर को मान्यता के लिए जनमत संग्रह की मांग पर झुके यूनुस, चुनावों के साथ ही रेफ्रेंडम कराने का ऐलान

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Nov 13, 2025 05:43 pm IST,  Updated : Nov 13, 2025 05:43 pm IST

बांग्लादेश में राजनीतिक चार्टर को मान्यता देने से पहले मोहम्मद यूनुस अब आंदोलनकारियों की मांग को स्वीकार लिया है, जिसमें उन्होंने चुनाव वाले दिन ही पर रेफ्रेंडम की बात कही है।

मोहम्मद यूनुस, बांग्लादेश सरकार के अंतरिम मुखिया। - India TV Hindi
मोहम्मद यूनुस, बांग्लादेश सरकार के अंतरिम मुखिया। Image Source : AP

ढाका: बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस इस्लामवादी पार्टी की मांग के आगे झुक गए हैं। इस्लामवादी पार्टी ने चुनाव से पहले राष्ट्रीय राजनीतिक चार्टर पर रेफ्रेंडम कराने की मांग की थी, जिसे यूनुस ने अब स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि राजनीतिक चार्टर को मान्यता देने के लिए जनमत संग्रह को अगले वर्ष फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों के साथ ही एक ही दिन आयोजित किया जाएगा।"

कह होगा रेफ्रेंडम

यूनुस ने कहा कि सभी संबंधित मामलों पर विचार करने के बाद, हमने फैसला किया है कि जनमत संग्रह को राष्ट्रीय चुनाव के साथ ही एक ही दिन आयोजित किया जाएगा। यूनुस ने अपने सलाहकारों के साथ बैठक के बाद राष्ट्र को दिए गए टेलीविजन संबोधन में कहा कि सलाहकार परिषद ने बृहस्पतिवार को "जुलाई चार्टर कार्यान्वयन आदेश, 2025" को मंजूरी दी। यूनुस की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सहमति आयोग ने जुलाई चार्टर का मसौदा तैयार किया, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी सहित कई राजनीतिक दलों के साथ परामर्श के बाद 80 से अधिक सुधार प्रस्तावों को शामिल किया गया।


अभी भी रेफ्रेंडम पर मतभेद

बांग्लादेश के राजनीतिक दलों ने 17 अक्टूबर को एक समारोह में इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए, लेकिन इसके कार्यान्वयन प्रक्रिया को लेकर मतभेद उभर आए। बीएनपी ने कहा कि इसके लिए जनमत संग्रह को मतदान के दिन ही कराया जाना चाहिए, जबकि जमात ने नवंबर तक इसे कराने की मांग की। कई दौर की चर्चाओं के बावजूद, राजनीतिक दलों ने चार्टर के तहत कई सुधारों पर सहमति बनाने में विफलता हासिल की। यूनुस के सलाहकार (परिषद) आदेश में यह भी इंगित किया गया है कि राजनीतिक दलों की इसे कार्यान्वित करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप जुलाई चार्टर को संविधान में शामिल करने का इंतजाम किया जाएगा। (पीटीआई)

 

 

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