लंदन: ब्रिटिश शाही परिवार में एक बार फिर एपस्टीन फाइल्स से भूचाल मच गया है। किंग चार्ल्स III ने अपने छोटे भाई एंड्रयू (अब एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर) को उनके लंबे समय से चले आ रहे घर रॉयल लॉज से निकाल दिया है। यह घटना जेफरी एपस्टीन से जुड़े नवीनतम दस्तावेजों के जारी होने के ठीक बाद हुई है जिसने एंड्रयू की बदनामी को और बढ़ा दिया है। रॉयल लॉज, विंडसर ग्रेट पार्क में स्थित 30 कमरों वाला शानदार आवास है। 2003 से यह एंड्रयू का निवास स्थान था।
किंग चार्ल्स ने उठाया था बड़ा कदम
इससे पहले अक्टूबर 2025 में किंग चार्ल्स ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया था। उन्होंने एंड्रयू के सभी शाही उपाधियों को छीन लिया था, जिसमें 'प्रिंस' का दर्जा भी शामिल था। साथ ही, उन्हें रॉयल लॉज की लीज सरेंडर करने का औपचारिक नोटिस भी जारी किया गया था। यह कदम एपस्टीन से एंड्रयू के संबंधों और यौन शोषण के आरोपों के चलते उठाया गया था, जो ब्रिटिश राजशाही की छवि को लगातार नुकसान पहुंचा रहे थे।
एंड्रयू पर बढ़ा दबाव
नवंबर 2025 में शुरू हुई प्रक्रिया के तहत एंड्रयू को शुरुआत में अप्रैल 2026 तक समय दिया गया था, लेकिन हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी की गई एपस्टीन फाइलों के नए दस्तावेजों ने स्थिति को बदल दिया। इन फाइलों में एंड्रयू और एपस्टीन के बीच ईमेल, फोटो और अन्य दस्तावेज शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि 2010 में एपस्टीन की हाउस अरेस्ट खत्म होने के तुरंत बाद एंड्रयू ने उन्हें बकिंघम पैलेस में डिनर के लिए आमंत्रित किया था। नई तस्वीरें और दस्तावेजों ने एंड्रयू पर खिलाफ दबाव बढ़ा दिया, जिसमें थेम्स वैली पुलिस द्वारा नई शिकायतों की जांच भी शामिल है।
रॉयल लॉज से छोटा है एंड्रयू का नया ठिकाना
4 फरवरी 2026 को एंड्रयू ने रात के अंधेरे में रॉयल लॉज छोड़ दिया। मूविंग वैन की तस्वीरें और रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कदम 'स्टेल्थ ऑपरेशन' की तरह अंजाम दिया गया ताकि मीडिया का ध्यान कम हो। वो अब किंग चार्ल्स के निजी सैंड्रिंघम एस्टेट (नॉरफॉक, पूर्वी इंग्लैंड) में रह रहे हैं। फिलहाल, वो वुड फार्म कॉटेज में अस्थायी रूप से ठहरे हैं, जबकि उनके स्थायी घर मार्श फार्म में मरम्मत चल रही है। यह छोटा और कम शानदार आवास रॉयल लॉज से काफी अलग है। यह रॉयल लॉज से काफी छोटा है।
ब्रिटिश राजशाही के लिए बड़ा झटका है नया मामला
वैसे देखा जाए तो यह पूरी घटना ब्रिटिश राजशाही के लिए बड़ा झटका है। किंग चार्ल्स ने एपस्टीन पीड़ितों के प्रति समर्थन जताते हुए कहा था कि ऐसे आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। एंड्रयू ने हमेशा आरोपों से इनकार किया है, लेकिन नवीनतम फाइलों ने फिर से बहस छेड़ दी है। कुछ अमेरिकी कांग्रेस सदस्यों और पीड़ितों के वकीलों ने एंड्रयू से जांच में गवाही देने की मांग की है। माना जा रहा है कि एंड्रयू का शाही जीवन अब लगभग खत्म हो चुका है। एपस्टीन फाइल्स का यह नया अध्याय ब्रिटिश शाही महल में लंबे समय तक गूंजता रहेगा।
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