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क्या होते हैं HIMARS, जिनके आगे S-400 हुआ फेल? जंग में रूसी सेना का बन रहे काल, यूक्रेन कर रहा ताबड़तोड़ अटैक

 Written By: Shilpa
 Published : Jul 13, 2022 11:11 am IST,  Updated : Jul 13, 2022 12:18 pm IST

मिसाइल की सटीकता से पता चलता है कि यूक्रेन के सैनिकों ने अमेरिका द्वारा स्पलाई किए गए मल्टी लॉन्च हाई मॉबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम्स का इस्तेमाल किया है, जिसे HIMARS कहा जाता है।

High Mobility Artillery Rocket Systems- India TV Hindi
High Mobility Artillery Rocket Systems Image Source : TWITTER

Highlights

  • रूस और यूक्रेन के बीच हो रही भीषण जंग
  • रूस पर हमले के लिए यूक्रेन इस्तेमाल कर रहा HIMARS
  • HIMARS के आगे रूस का S-400 फेल हो रहा है

High Mobility Artillery Rocket Systems: यूक्रेन ने मंगलवार को दावा किया कि उसने देश के दक्षिणी हिस्से में रूसी सैन्य डिपो को नष्ट कर दिया है। जिसे सैन्य ठिकाने के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। यहां रूस ने अपने रॉकेट और मिसाइल रखे थे। यूक्रेन के सैन्य अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने खेरसोन क्षेत्र में हमला किया है। जिसमें रूस के तोपखाने, बख्तर बंद वाहनों को तबाह किया गया है। इसके साथ ही नोवा कखोवका में गोला बारूद के लिए इस्तेमाल होने वाले गोदाम को भी नेस्तनाबूत किया गया है। यूक्रेन ने अपने इस मिशन को HIMARS से अंजाम दिया है। जो उसे अमेरिका से मिले थे। इन्हीं HIMARS की बदौलत यूक्रेन ने कमांड पोस्ट पर सिर्फ एक रॉकेट हमला कर रूस के 12 सैनिकों को मारा है। 

HIMAR के आगे रूस का S-400 एंटी एयर सिस्टम फेल हो गया है। इससे रूसी सैनिकों की रक्षा नहीं हो पा रही। कहा जा रहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन S-400 के फेल होने से बेहद नाराज हैं। वहीं इस हमले के बाद शहर में मौजूद रूसी अधिकारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि यूक्रेन के हमलों में आम नागरिकों की संपत्ति नष्ट हुई है और कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है। मॉस्को समर्थित प्रशासन के अंतर्गत शहर का प्रतिनिधित्व करने वाले व्लादिमीर लियोनतीव ने सोशल मीडिया पर कहा, 'गोदाम पर हमला हुआ है, साथ ही दुकानों, दवा की दुकानें, पेट्रोल स्टेशन और यहां तक कि चर्च को भी नहीं बख्शा गया. ' एक अन्य घोषणा में यूक्रेन के खुफिया अधिकारी ने कहा कि उनकी सेना ने खेरसोन में एक विशेष ऑपरेशन चलाकर पांच बंदियों को आजाद करा लिया है। जिन लोगों को आजाद कराया गया है, उनमें एक सैन्य अधिकारी और एक पूर्व पुलिस अधिकारी शामिल हैं। हालांकि सेना ने यह नहीं बताया कि इस काम को कब अंजाम दिया गया है। 

क्या होते हैं HIMARS?

अब बात  HIMARS की करते हैं। समाचार एजेंसी एसोसिएटिड प्रेस के अनुसार, मिसाइल की सटीकता से पता चलता है कि यूक्रेन के सैनिकों ने अमेरिका द्वारा सप्लाई किए गए मल्टी लॉन्च हाई मॉबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम्स का इस्तेमाल किया है, जिसे HIMARS (High Mobility Artillery Rocket Systems) कहा जाता है। खेरसोन में रूस समर्थित अधिकारियों की उप प्रमुख कटरीना गुबारेवा ने भी यही बात कही है। समाचार एजेंसियों ने गुबारेवा के हवाले से कहा है, यूक्रेन ने नोवा कखोवा में लंबी दूरी तक मार करने वाले सटीक आर्टिलरी सिस्टम्स का इस्तेमाल किया है, जो उसे अमेरिका से मिले हैं। 

HIMARS rocket system
Image Source : INDIA TVHIMARS rocket system

लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम

HIMARS का इस्तेमाल अधिक खतरे वाले वातावरण पर किया जा सकता है। इन्हें आसानी से और बेहद कम समय में एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जा सकता है, दुश्मन के वाहन को आग के हवाले किया जा सकता है और मिनटों में रिलोड किया जा सकता है, जिससे दुश्मन के लिए इसकी लोकेशन का पता लगाना और इस पर हमला करना मुश्किल हो जाता है। HIMARS को C-130 या उससे भी बड़े विमानों और समुद्री जहाजों से एक से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है। ऐसे में इस काम को पूरा करने के लिए अधिक लोगों की भी जरूरत नहीं पड़ती है।

300 KM तक है इनकी रेंज 

HIMARS की रेंज 300 किलोमीटर तक है, यानी ये दुश्मन को 300 किलोमीटर की दूरी से भी तबाह कर सकता है। HIMARS को और विकसित करने पर अभी काम जारी है, जिससे उसकी यही क्षमता बढ़कर 499 किलोमीटर तक हो जाएगी। HIMARS अधिक महंगे नहीं हैं, तेजी से काम करते हैं और लंबी दूरी तक सटीक हमले कर सकते हैं। 

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