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इजरायल के एयरस्ट्राइक में हूती प्रधानमंत्री की मौत, हमले में उनके कई मंत्री भी मारे गए

 Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Aug 30, 2025 08:26 pm IST,  Updated : Aug 30, 2025 08:26 pm IST

इजरायली एयरस्ट्राइक में यमन के हूती प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मंत्री भी मारे गए। हूती विद्रोहियों ने इजरायल के खिलाफ मिसाइल हमले किए, जो फिलिस्तीनियों के समर्थन में थे।

Israel airstrike Yemen, Houthi Prime Minister killed- India TV Hindi
हूती पिछले कई महीनों से इजरायल पर लगातार हमले कर रहे हैं। Image Source : AP

काहिरा: यमन की राजधानी सना में गुरुवार को हुए एक इजरायली हवाई हमले में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी की मौत हो गई। हूती विद्रोहियों ने शनिवार को एक बयान में बताया कि इस हमले में उनके कई मंत्री भी मारे गए। इजरायली सेना ने गुरुवार को कहा था कि उन्होंने सना में हूती विद्रोहियों के एक सैन्य ठिकाने पर 'सटीक हमला' किया था। हूतियों द्वारा शनिवार को जारी बयान के मुताबिक, अहमद अल-रहावी, जो अगस्त 2024 से हूती सरकार के प्रधानमंत्री थे, उस वक्त एक रुटीन वर्कशॉप में हिस्सा ले रहे थे। इस वर्कशॉप में उनकी सरकार अपने पिछले एक साल के कामकाज की समीक्षा कर रही थी।

हूतियों के हमले और इजरायल का जवाब

हूती विद्रोहियों ने इजरायल के खिलाफ बार-बार मिसाइल हमले किए हैं, खासकर तब से जब इजरायल और गाजा में हमास के बीच जंग शुरू हुई। हूती कहते हैं कि ये हमले फिलिस्तीनियों के समर्थन में हैं। हालांकि, ज्यादातर मिसाइलें इजरायल ने हवा में ही नष्ट कर दीं या वे खुद-ब-खुद नाकाम हो गईं, लेकिन इससे हूतियों के हमले नहीं रुके। इससे पहले, सप्ताह की शुरुआत में इजरायल ने सना में कई जगहों पर हवाई हमले किए, जिसमें हूती-नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कम से कम 10 लोग मारे गए और 102 अन्य घायल हो गए।

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Image Source : APहूती पिछले कई महीनों से इजरायल पर लगातार हमले कर रहे हैं।

लाल सागर में जहाजों को निशाना बना रहे हूती

हूती विद्रोही न सिर्फ इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहे हैं, बल्कि लाल सागर में जहाजों को भी निशाना बना रहे हैं। उनका कहना है कि ये हमले फिलिस्तीनियों के हक में हैं। जवाब में, इजरायल और अमेरिका की अगुवाई वाला गठबंधन यमन के हूती-नियंत्रित इलाकों, जैसे सना और होदेदा शहर, पर बमबारी कर रहा है। मई में इजरायली हमलों ने सना एयरपोर्ट को पूरी तरह बंद कर दिया था। मई में ट्रंप प्रशासन ने हूतियों के साथ एक समझौता किया था, जिसमें एयरस्ट्राइक रोकने के बदले लाल सागर में जहाजों पर हमले बंद करने की बात थी। लेकिन हूतियों ने साफ किया कि यह समझौता इजरायल से जुड़े ठिकानों पर हमले रोकने के लिए नहीं था।

गाजा में शुरू हुई भुखमरी, बच्चे झेल रहे असर

वहीं गाजा की बात करें तो लोग इजरायल की नाकेबंदी और हमलों की वजह से लोग खाने की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक पैनल ने पुष्टि की है कि उत्तरी गाजा में भुखमरी शुरू हो चुकी है और बच्चे इसका सबसे ज्यादा असर झेल रहे हैं। लोग खाना पाने के लिए चैरिटी संगठनों से बर्तनों में गर्म खाना लेने को मजबूर हैं। इस तरह देखा जाए तो यमन और गाजा में चल रही जंग ने हालात को और नाजुक कर दिया है। हूतियों और इजरायल के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, और इसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है। गाजा में भुखमरी और यमन में हमलों ने दोनों जगह इंसानी हालात को बदतर कर दिया है। (AP)

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