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अब लाल सागर में जहाजों पर किया हमला तो यमन की नहीं होगी खैर, UN ने हूतियों पर निगरानी को दी मंजूरी

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Jul 16, 2025 02:59 pm IST,  Updated : Jul 16, 2025 02:59 pm IST

लाल सागर में हूतियों की ओर से जहाजों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। अब इसके खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव पारित हुआ है।

लाल सागर में हूतियों द्वारा निशाना बनाया गया एक जहाज।- India TV Hindi
लाल सागर में हूतियों द्वारा निशाना बनाया गया एक जहाज। Image Source : AP

संयुक्त राष्ट्र: यमन के हूतियों ने अब लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाया तो उनकी शामत तय है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हमले हो रहे हैं। ऐसे में यूएन ने इन हमलों पर सतत निगरानी रखने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है। अगर अब हूतियों ने जहाजों को निशाना बनाया तो उन पर कड़े जवाबी हमले हो सकते हैं। 

अमेरिका और यूनान ने दिया था प्रस्ताव

यमन के हूतियों की निगरानी का यह प्रस्ताव अमेरिका और यूनान द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुत किया गया, जिसके पक्ष में 12 वोट पड़े। रूस, चीन और अल्जीरिया ने मतदान से दूरी बनाई। इन देशों ने यमन की संप्रभुता के उल्लंघन की आशंका जताई, जिसका अप्रत्यक्ष संकेत अमेरिका द्वारा हूती ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों की ओर था।

प्रस्ताव के मुख्य बिंदु

प्रस्ताव के तहत, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस को 15 जनवरी, 2026 तक हूती हमलों पर मासिक रिपोर्ट सुरक्षा परिषद को सौंपनी होगी। कार्यवाहक अमेरिकी राजदूत डोरोथी शिया ने इस प्रस्ताव को ईरान समर्थित हूती आतंकवादी खतरे के खिलाफ सतर्कता बनाए रखने की दिशा में एक आवश्यक कदम बताया। उन्होंने हाल में हूतियों द्वारा दो वाणिज्यिक जहाजों एमवी मैजिक सीज और एमवी एटरनिटी सी पर किए गए हमलों का ज़िक्र किया, जिनमें दोनों पोत डूब गए, कई नाविकों की मौत हुई, और कुछ अब भी बंधक हैं। शिया ने इन घटनाओं को "आतंकी कार्रवाई" बताया और सुरक्षा परिषद से मांग की कि हूती हमले तुरंत रोके जाएं और बंधकों को रिहा किया जाए।

वैश्विक समुद्री सुरक्षा पर असर

यूनान के संयुक्त राष्ट्र दूत एवानजेलोस सेकेरिस ने कहा कि हूती हमलों ने वैश्विक समुद्री समुदाय में अविश्वास और असुरक्षा को बढ़ाया है। उन्होंने जोर दिया कि “अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए समुद्री सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता अनिवार्य है।” हूतियों ने लाल सागर पर ये हमले तब शुरू किए जब 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इज़रायल पर किए गए हमले का इजरायली सेना जवाब देने लगी और उसने  गाजा में भयानक पलटवार शुरू कर दिया। इसके बाद गाजा पर हो रहे इजरायली हमलों के विरोध में लाल सागर में जहाजों पर हमले होने लगे, जिसे "हूती अभियान" का हिस्सा माना जा रहा है। (एपी)

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