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Shani Kavach: शनिवार के दिन करें शनि कवच का पाठ, साढ़ेसाती-ढैय्या के साथ ही महादशा के बुरे प्रभाव भी होंगे दूर

Written By: Naveen Khantwal Published : Feb 13, 2026 10:58 pm IST, Updated : Feb 13, 2026 10:58 pm IST

Shani Kavach: शनि ग्रह की महादशा के साथ ही ढैय्या और साढ़ेसाती के बुरे प्रभावों को दूर करने के लिए शनिवार के दिन आपको शनि कवच का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से आपको जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं।

Shani Kawach - India TV Hindi
Image Source : CANVA शनि कवच

Shani Jayanti 2024: शनि ग्रह को ज्योतिष में न्याय का देवता कहा जाता है। हालांकि इनकी प्रतिकूल दृष्टि व्यक्ति के जीवन में नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। खासकर महादशा, साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान शनि का बुरा प्रभाव बढ़ सकता है। ऐसे में शनि के बुरे प्रभावों को दूर करने के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं। इन्हीं उपायों में से एक है शनिवार के दिन शनि कवच का पाठ करना। शनि कवच का पाठ करने से शिन के बुरे प्रभाव दूर होने लगते हैं और साथ ही आपके जीवन में सुख समृद्धि भी आने लगती है। शनि कवच का पाठ करने से विपदाओं से शनि आपकी सुरक्षा भी करते हैं। 

शनि कवच

नीलाम्बरो नीलवपु: किरीटी गृध्रस्थितत्रासकरो धनुष्मान्।

चतुर्भुज: सूर्यसुत: प्रसन्न: सदा मम स्याद्वरद: प्रशान्त:।।

श्रृणुध्वमृषय: सर्वे शनिपीडाहरं महंत्।
कवचं शनिराजस्य सौरेरिदमनुत्तमम्।।

कवचं देवतावासं वज्रपंजरसंज्ञकम्।
शनैश्चरप्रीतिकरं सर्वसौभाग्यदायकम्।।

ऊँ श्रीशनैश्चर: पातु भालं मे सूर्यनंदन:।
नेत्रे छायात्मज: पातु कर्णो यमानुज:।।

नासां वैवस्वत: पातु मुखं मे भास्कर: सदा।
स्निग्धकण्ठश्च मे कण्ठ भुजौ पातु महाभुज:।।

स्कन्धौ पातु शनिश्चैव करौ पातु शुभप्रद:।
वक्ष: पातु यमभ्राता कुक्षिं पात्वसितस्थता।।

नाभिं गृहपति: पातु मन्द: पातु कटिं तथा।
ऊरू ममाSन्तक: पातु यमो जानुयुगं तथा।।

पदौ मन्दगति: पातु सर्वांग पातु पिप्पल:।
अंगोपांगानि सर्वाणि रक्षेन् मे सूर्यनन्दन:।।

इत्येतत् कवचं दिव्यं पठेत् सूर्यसुतस्य य:।
न तस्य जायते पीडा प्रीतो भवन्ति सूर्यज:।।

व्ययजन्मद्वितीयस्थो मृत्युस्थानगतोSपि वा।
कलत्रस्थो गतोवाSपि सुप्रीतस्तु सदा शनि:।।

अष्टमस्थे सूर्यसुते व्यये जन्मद्वितीयगे।
कवचं पठते नित्यं न पीडा जायते क्वचित्।।

इत्येतत् कवचं दिव्यं सौरेर्यन्निर्मितं पुरा।
जन्मलग्नस्थितान्दोषान् सर्वान्नाशयते प्रभु:।।

शनि कवच का पाठ करने से मिलते हैं लाभ 

शनि कवच का पाठ करने से जीवन के विपरीत दौर में भी आपको शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं। इस कवच का पाठ करने से आपको रोग, दोष से भी मुक्ति मिलती है और शनि साढ़ेसाती-ढैय्या का बुरा प्रभाव भी दूर होने लगता है। शनि आपकी रक्षा दुर्घटनाओं से भी करते हैं और आपको करियर के क्षेत्र में भी अनुकूल परिणाम इस कवच का पाठ करने से मिल सकते हैं। वैसे तो आप प्रतिदिन भी शनि कवच का पाठ कर सकते हैं लेकिन केवल शनिवार के दिन भी इसका पाठ करने से आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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