Bangladesh Election Results: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina ने 12 फरवरी को हुए आम चुनाव को बांग्लादेश के लोकतंत्र के इतिहास का 'कलंकित अध्याय' करार दिया और गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, 'मतदान केंद्रों पर वोटर नहीं थे, लेकिन काउंटिंग टेबल पर मतपत्र आ गए।' शेख हसीना के मुताबिक, बांग्लादेश का यह आम चुनाव जनमत का नहीं, बल्कि 'संख्याओं में प्रशासनिक हेरफेर' की एक सुनियोजित साजिश था। चुनाव में वोटिंग टर्नआउट के आंकड़ों की हेराफेरी के बारे में भी शेख हसीना ने डिटेल में बात की।
शेख हसीना ने बांग्लादेशी चुनाव आयोग की तरफ जारी वोटिंग टर्नआउट के आंकड़ों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सुबह 11 बजे तक 14.96 फीसदी मतदान बताया गया था, लेकिन सिर्फ एक घंटे बाद यह आंकड़ा 32.88 प्रतिशत तक पहुंच गया था। उनके मुताबिक, यह बढ़ोतरी असामान्य और व्यवहारिक रूप से असंभव है। उन्होंने दावा किया कि अगर सभी 32 हजार 789 मतदान केंद्र एक्टिव भी हों, तो भी हर केंद्र पर हर कुछ सेकंड में एक वोट पड़ना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा, 'इस चुनाव में रजिस्टर्ड वोटर्स की कुल संख्या 12 करोड़ 77 लाख 11 हजार 793 थी। वोटिंग सुबह 7:30 बजे शुरू हुई और शाम 4:30 बजे तक चली। वोटिंग की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की तरफ से चरणबद्ध तरीके से जारी किए गए वोटिंग टर्नआउट प्रतिशत- दोनों में गंभीर अनियमितताएं दिखाई पड़ती हैं। जारी किए गए कई आंकड़े अवास्तविक और असंगत लगते हैं। चुनाव आयोग की पहली ब्रीफिंग के मुताबिक, सुबह 11 बजे तक यानी पहले साढ़े 3 घंटे- 14.96 प्रतिशत वोटिंग हुई, जो 1 करोड़ 91 लाख 5 हजार 684 वोटों के बराबर है। इसका मतलब है कि प्रति मिनट एवरेज 90 हजार 979 वोट डाले गए।'
शेख हसीना ने कहा, 'अगली ब्रीफिंग में दोपहर 12 बजे तक वोटिंग टर्नआउट प्रतिशत 32.88 प्रतिशत बताया गया। इसका मतलब है कि सिर्फ 11 से 12 बजे के बीच 17.92 प्रतिशत वोटिंग हुई, यानी 2 करोड़ 28 लाष 80 हजार 350 वोट पड़े- जो लगभग एवरेज के तौर पर 3 लाख 81 हजार 339 वोट प्रति मिनट बनते हैं। यह रेट पहले के औसत से कई गुना ज्यादा है और अत्यंत असामान्य है।'
उन्होंने कहा, 'वोटिंग के पहले के साढ़े 3 घंटों में हर घंटे एवरेज वोटिंग रेट 4.27 फीसदी था, जबकि उसके बाद के 1 घंटे में यह 17.92 प्रतिशत हो गया। अगर सभी 32 हजार 789 पोलिंग सेंटर पूरी तरह से संचालित भी थे, तो इसका मतलब है कि हर मतदान केंद्र प्रति मिनट एवरेज 11.63 वोट डाले गए। हर 5.16 सेकंड में एक वोट पड़ना नामुमकिन जैसा है। यह व्यवहारिक रूप से असंभव है।'
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग बांग्लादेश की वोटिंग की हिस्ट्री को जानते हैं, उन्हें पता है कि आमतौर पर सुबह यानी खासकर 11 बजे से पहले, मतदान की गति सबसे तेज होती है। इसके बावजूद उस अवधि में सिर्फ 14.96 प्रतिशत मतदान ही हुआ, और फिर दोपहर तक यह अचानक बढ़कर 32.88 प्रतिशत तक पहुंच गया। एक ही घंटे के भीतर उसमें असामान्य उछाल दिखा।
शेख हसीना ने कहा कि तीसरे फेज में बताया गया कि दोपहर 2 बजे तक वोटिंग टर्नआउट 47.91 प्रतिशत पहुंच गया था। इसका अर्थ है कि दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच 15.03 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, यानी 1 करोड़ 91 लाख 94 हजार 883 वोट डाले गए, जो लगभग 1 लाख 59 हजार 958 मत प्रति मिनट के बराबर है। फिर शाम को साढ़े 4 बजे तक वोटिंग टर्नआउट 59.44 प्रतिशत घोषित हुआ। इसका मतलब है कि दोपहर 2 बजे से साढ़े 4 बजे तक यानी ढाई घंटे में और 11.53 फीसदी या 1 करोड़ 47 लाख 22 हजार 770 वोट पड़ गए, जो औसतन करीब 98 हजार 152 वोट प्रति मिनट बनते हैं।
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