अक्सर जंगलों में लोग जानवरों का शिकार करते हैं और उन्हें मौत के घाट उतार देते हैं। इसके अलावा कई बार जानवर आपसी जंग और भोजन की तलाश में भी मारे जाते हैं। हालांकि, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां 9 शेरों और 2 जिराफों को 'दया मृत्यु' दे दी गई है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, ये जानवर असाध्य या लाइलाज वंशानुगत बीमारियों से पीड़ित थे जिस कारण इन्हें 'दया मृत्यु' दे दी गई।
जानकारी के मुताबिक, लाहौर में स्थित सफारी पार्क में लगभग 30-40 शेर मौजूद हैं। वहीं, जो जिराफ साल 2025 के अक्टूबर महीने में दक्षिण अफ्रीका से लाए गए थे। जिन 9 शेरों को दया मृत्यु दी गई है उनमें से 7 शेर सफारी पार्क के थे, जबकि दो स्थानीय चिड़ियाघरों से लाया गया था। जानकारी के मुताबिक, ये जानवर असाध्य वंशानुगत बीमारियों से पीड़ित थे और उन्हें आगे की पीड़ा से बचाने के लिए दया मृत्यु दे दी गई।
पाकिस्तान पंजाब की सीनियर मंत्री मरियम औरंगजेब ने इस मामले को लेकर जानकारी दी है कि बीमार शेरों को वेटनरी डॉक्टरों की सलाह पर पंजाब के अनेक चिड़ियाघरों से लाहौर सफारी पार्क में लाया गया था। उन्होंने बताया- "कुछ शेर असाध्य यानी लाइलाज वंशानुगत बीमारियों से पीड़ित थे। वहीं, कुछ ऐसे रोग से पीड़ित थे जिनका कोई प्रभावी इलाज संभव नहीं था। पशु चिकित्सकों और वन्यजीव स्पेशलिस्ट की एक कमेटी ने इन मामलों की समीक्षा की थी।"
उन्होंने आगे बताया- "लाइलाज बीमारियों से ग्रस्त जानवरों को आगे की पीड़ा से बचाने के लिए 'दया मृत्यु' देना वैश्विक स्तर पर मानक प्रथा है। वहीं, पाकिस्तान के वन्यजीव कानून में भी इसका प्रावधान किया गया है। इसी कानूनी प्रावधान के तहत जरूरी कदम उठाए गए हैं।"
अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, ये शेर बीते कुछ हफ्ते से लगातार बीमार चल रहे थे। कुछ शेरों में विकलांगता भी विकसित हो गई थी। अब अधिकारियों की ओर से इस बात को लेकर सतर्कता बरती जा रही है कि पार्क में और शेर या जिराफ की मौत न हो। मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। (इनपुट: भाषा)
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