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क्या ओमिक्रॉन डेल्टा से ज्यादा खतरनाक है? जानें, क्या कहती है अब तक की स्टडी

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 02, 2021 03:57 pm IST,  Updated : Dec 02, 2021 03:57 pm IST

ओमिक्रॉन वेरिएंट के उद्गम की स्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि इसमें म्यूटेशन की संख्या असामान्य है।

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क्या ओमिक्रॉन स्वरूप में ज्यादा उत्परिवर्तन का मतलब है कि यह डेल्टा से ज्यादा खतरनाक और संक्रामक है? Image Source : PTI REPRESENTATIONAL

Highlights

  • कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के उद्गम की स्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं।
  • ओमिक्रॉन के किसी जानवर से उभार की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता।
  • आशंकाएं हैं कि ओमिक्रॉन स्वरूप सार्स-सीओवी-2 का अंतिम स्वरूप नहीं है।

पेनसिल्वानिया: दक्षिण अफ्रीका में अनुसंधानकर्ताओं ने 24 नवंबर, 2021 को कोविड-19 के नए स्वरूप ओमिक्रॉन (B.1.1.529) की पहचान की और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2 दिन बाद इसे ‘चिंता वाला स्वरूप’ करार दिया। ओमिक्रॉन कोरोना वायरस के स्वरूप के मामले में बेहद अलग है क्योंकि यह अब तक सार्स-सीओवी-2 का सबसे ज्यादा बदला हुआ स्वरूप है। इसकी आनुवंशिक संरचना में कुल 53 उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) हैं और अकेले तो स्पाइक प्रोटीन पर 32 म्यूटेशन हैं। स्पाइक प्रोटीन, सार्स सीओवी-2 वायरस के बाहर निकली हुई गांठ हैं, जो वायरस को कोशिकाओं से चिपकने में मदद करती है ताकि यह उसमें प्रवेश कर सके।

‘डेल्टा स्वरूप में 9 म्यूटेशन थे’

अगर वायरस के स्वरूप से तुलना करें तो डेल्टा स्वरूप में 9 म्यूटेशन थे। ओमिक्रॉन में ज्यादा उत्परिवर्तन का यह मतलब हो सकता है कि यह ज्यादा संक्रामक है या फिर प्रतिरक्षा सुरक्षा से बचने में ज्यादा बेहतर है, ये सारे अनुमान बेहद चिंताजनक हैं। पेशे से विषाणु विज्ञानी सुरेश वी. कुचीपुड़ी का अनुसंधान समूह कोविड-19 के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर रहा है, जिसमें इसके जानवरों में प्रसार का अध्ययन में शामिल है। क्यों सार्स-सीवोवी-2 के नए-नए स्वरूप उभर रहे हैं? ओमिक्रॉन में उत्परिवर्तन की असामान्य रूप से उच्च संख्या आश्चर्यजनक है लेकिन इसके अन्य स्वरूप का सामने आना अप्रत्याशित नहीं है।

डेल्टा से ज्यादा खतरनाक है ओमिक्रॉन?
क्या ओमिक्रॉन स्वरूप में ज्यादा उत्परिवर्तन का मतलब है कि यह डेल्टा से ज्यादा खतरनाक और संक्रामक है? इसका सीधा सा जवाब है कि अभी हमें इसकी जानकारी नहीं है। स्वरूप के उद्गम की स्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि इसमें उत्परिवर्तन की संख्या असामान्य है। इसकी एक संभावित व्याख्या यह है कि ऐसे मरीज में जिसकी प्रतिरक्षा प्रणाली दब गई हो उसके लंबे समय तक बीमार रहने से कई उत्परिवर्तन हो सकते हैं। यह एक ऐसी स्थिति है, जो विषाणु के क्रमिक विकास को जन्म दे सकती है।

तो क्या किसी पशु से आया ओमिक्रॉन?
अनुसंधानकर्ताओं के अनुमान के अनुसार पहले के कुछ सार्स-सीओवी-2 स्वरूपों जैसे कि अल्फा लगातार संक्रमित रहे मरीज से पैदा हुआ हो सकता है। हालांकि, ओमिक्रॉन के कई उत्परिवर्तन इसे अलग ही बनाते हैं और इस पर यह सवाल उठता है कि यह कैसे आया। वायरस के स्वरूप का एक अन्य संभावित स्रोत पशु हो सकते हैं। जिस वायरस से कोविड-19 होता है, वह जानवरों की कई प्रजातियों को संक्रमित कर सकता है, जिनमें बाघ, शेर, बिल्ली और कुत्ते समेत अन्य शामिल हैं।

जानवर से उभार की संभावना खारिज नहीं
अनुसंधानकर्ता कहते हैं कि एक ऐसा अध्ययन जिसकी अभी समीक्षा नहीं हुई है, उसमें एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने हाल में पाया कि अमेरिका में मुक्त क्षेत्र और बंद क्षेत्र मे रखे गए सफेद पूंछ वाले हिरण व्यापक रूप से संक्रमित पाए गए हैं। इसलिए ओमिक्रॉन के किसी जानवर से उभार की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता। अध्ययन में यह पाया गया कि सार्स-सीवोवी-2 के मूल और शुरुआती स्वरूपों की तुलना में डेल्टा स्वरूप से संक्रमित मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने का ज्यादा खतरा रहता है।

ओमिक्रॉन के रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन में 10 म्यूटेशन
तो क्या ओमिक्रॉन डेल्टा की जगह लेगा? हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि ओमिक्रॉन डेल्टा से ज्यादा शक्तिशाली है। ओमिक्रॉन में कुछ म्यूटेशन डेल्टा वेरिएंट के हैं लेकिन इसमें अन्य वेरिएंट के भी म्यूटेशन हैं जो कि बिल्कुल अलग है। लेकिन एक खास कारण से रिसर्च कम्युनिटी समुदाय ओमिक्रॉन को लेकर चिंतित है क्योंकि इसमें रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन में 10 म्यूटेशन है (स्पाइक प्रोटीन का वह हिस्सा जो कोशिकाओं में प्रवेश में मध्यस्थता की भूमिका निभाता है) जबकि डेल्टा स्वरूप में ये सिर्फ 2 ही थे।

कोरोना के और भी वेरिएंट आने की आशंकाएं
इस बात की ज्यादातर आशंकाएं हैं कि ओमिक्रॉन स्वरूप सार्स-सीओवी-2 का अंतिम स्वरूप नहीं है और इसके और भी वेरिएंट आने की आशंकाएं हैं और कोविड-19 के प्रसार के मद्देनजर ऐसे स्वरूप भी सामने आ सकते हैं जो डेल्टा से ज्यादा संक्रामक हों। भाषा (द कन्वरसेशन)

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