अमेरिका के हवाई में मंगलवार को किलाउआ ज्वालामुखी फट पड़ा है। डराने वाली बात ये है कि इस ज्वालामुखी के फटने के बाद इसका लावा 150 फुट से ज्यादा ऊंचाई तक जा रहा है। किलाउआ ज्वालामुखी में रुक-रुक कर विस्फोट हो रहा है और इस कारण लावे के और ऊंचाई तक जाने की आशंका जताई जा रही है।
सबसे सक्रीय ज्वालामुखियों में से एक
दरअसल, किलाउआ ज्वालामुखी अमेरिका के हवाई में बिग आइसलैंड के ‘हवाई वोलकेनोज़ नेशनल पार्क’ में स्थित है। किलाउआ ज्वालामुखी को दुनिया के सबसे सक्रीय ज्वालामुखियों में से एक माना जाता है। किलाउआ के शिखर पर बीते 23 दिसंबर से विस्फोट होना शुरू हुआ। मंगलवार को 12वां विस्फोट हुआ जिसके बाद ज्वालामुखी से निकला लावा 150 फुट से ज्यादा ऊंचाई तक गया।
आवासीय क्षेत्र को खतरा नहीं
हवाई ज्वालामुखी वेधशाला ने कहा कि सुबह हल्के प्रवाह के साथ लावा निकलना शुरू हुआ लेकिन दोपहर में इसमें तेजी आई। लावा 150 से 165 फुट तक की ऊंचाई तक गया और इसके और ऊंचाई पर जाने की आशंका है। विस्फोट से किसी भी आवासीय क्षेत्र को खतरा नहीं है।
ज्वालामुखी क्यों फटते हैं?
ज्वालामुखी को एक पहाड़ की तरह माना जा सकता है। इसके नीचे बड़ी मात्रा में पिघला हुआ लावा जमा होता है। बता दें कि धरती के भीतर भारी मात्रा में जियोथर्मल एनर्जी होती है। इसके कारण पत्थर पिघल कर लावा में बदल जाते हैं। जब ये पिघली हुई चट्टानें जिसे मैग्मा भी कहते हैं, इनमें हलचल होती है तो ज्वालामुखी विस्फोट होता है। जब पिघले हुए पत्थर और गैस ऊपर की ओर दबाव पैदा करते हैं तो इससे पहाड़ फट जाता है और ये ज्वालामुखी में बदल जाता है। (इनपुट: भाषा)
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