यूरोप के पहाड़ माउंट एटना में बर्फीली पहाड़ियों में जमा बर्फ में भयानक आग लग गई। धमाके के साथ पहाड़ पर सैकड़ों फीट ऊपर तक लावा उठा और फिर बर्फीली पहाड़ियों में बहता हुआ बर्फ की चट्टानों में चला गया।
भारत के इकलौते सक्रिय ज्वालामुखी को लोग नए साल की पूर्व संध्या पर लोग भी देख सकेंगे। इसके लिए लोगों को करीब 3 से 8 हजार रुपये कर खर्च करने पड़ेंगे। आइए जानते हैं कि ये होगा कैसे।
दुनिया के सर्वाधिक सक्रिया ज्वालामुखियो में शुमार हवाई का किलाउआ शनिवार की रात 11.45 बजे अचानक जागृत हो गया। इससे आसमान में 400 मीटर ऊंचाई तक लावा-राख के फव्वारे छूटते दिख रहे हैं।
उत्तरी इथियोपिया में रविवार को लगभग 12,000 वर्षों में ज्वालामुखी विस्फोट हुआ, इस ज्वालामुखी का नाम हैली गुब्बी है, जिसमें विस्फोट के बाद कई देशों में खलबली मच गई है। ज्वालामुखी फटने से जहां नुकसान भी होता है तो फायदे भी होते हैं। जानें इस एक्सप्लेनर में...
इथियोपिया में 12 हजार साल बाद ज्वालामुखी फटा, जिससे लगभग 14 किलोमीटर तक आसमान में राख के विशाल बादल छा गए। ये बादल भारत की तरफ भी आ रहे हैं, तो क्या इससे दिल्ली की हवा और जहरीली हो जाएगी?
दुनिया में कई ज्वालामुखी हैं जो समय-समय पर प्रकृति की शक्ति का अहसास कराते रहते हैं। हाल ही में इथियोपिया में ज्वालामुखी फटा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्वालामुखी अचानक क्यों फट पड़ते हैं।
इथियोपिया में हुए ज्वालामुखी विस्फोट के बाद स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। एक स्थानीय निवासी अहमद अब्देला ने विस्फोट का भयावह मंजर बयां किया है। चलिए जानते हैं कि अहमद अब्देला ने क्या कहा है।
इथियोपिया के हेली गुब्बी ज्वालामुखी से बना राख का बादल भारत पहुंचने के बाद अब चीन की ओर बढ़ रहा है। IMD ने बताया कि मंगलवार शाम 7:30 बजे तक यह पूरी तरह भारत से हट जाएगा। राख के कारण कई उड़ानों पर असर पड़ा है।
इथियोपिया में हेली गुब्बी ज्वालामुखी के फटने से राख के बादल भारत पहुंच गए हैं। एयरलाइंस जैसे इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा एयर सतर्क हैं और यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रही हैं। मुंबई एयरपोर्ट ने भी फ्लाइट स्टेटस जांचने की सलाह दी है।
इथियोपिया में हजारों साल से बंद ज्वालामुखी फट गया है। इससे निकला राख का गुबार भारत की ओर आ गया है। राख के गुबार में सल्फर डाइऑक्साइड और कांच और चट्टान के छोटे कण मौजूद हैं।
जापान में सकुराजिमा ज्वालामुखी में भीषण विस्फोट हुआ, जिससे ज्वालामुखी की राख और धुएं का एक विशाल गुबार 4,400 मीटर (लगभग 14,400 फीट) की ऊंचाई तक फैल गया। देखें वीडियो...
भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी बैरन आइलैंड अंडमान सागर में स्थित है। यह ज्वालामुखी 2025 में फिर सक्रिय हुआ है और हाल ही में इसने 10 हजार फीट की ऊंचाई तक राख का गुबार उड़ाया है।
रूस के सुदूर पूर्वी कामचटका प्रायद्वीप पर एक ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ है। यह ज्वालामुखी विस्फोट ऐसे समय पर हुआ है जब हाल ही में यहां 8.8 तीव्रता का भूकंप आया था। चलिए आपको ज्वालामुखी में हुए विस्फोट की तस्वीरें दिखाते हैं।
रूस में 8.8 तीव्रता का भूकंप आने के बाद एक ज्वालामुखी फट पड़ा है। रूस के सुदूर पूर्व में स्थित क्लुचेव्स्काया ज्वालामुखी बुधवार को फटा है। यह विस्फोट भूकंप आने के कुछ घंटों बाद हुआ है।
ज्वालामुखी सिर्फ आग और गर्मी के प्रतीक नहीं होते, बल्कि ये बर्फीले क्षेत्रों में भी सक्रिय रह सकते हैं। दुनिया में इस तरह का भी ज्वालामुखी है जो हमेशा बर्फ से ढका रहता है।
इंडोनेशिया में माउंट लेवोटोबी लाकी लाकी ज्वालामुखी फट गया है। ज्वालामुखी फटने के बाद लगभग 18 किलोमीटर की ऊंचाई तक राख का गुबार फैल गया। चलिए आपको ज्वालामुखी विस्फोट की तस्वीरें दिखाते हैं।
इटली के माउंट एटना ज्वालामुखी में महाविस्फोट हुआ है। ज्वालामुखी फटने के बाद मौके पर मौजूद पर्यटक अपनी जान बचाकर भागते नजर आए।
अमेरिका के हवाई में एक बार फिर किलाउआ ज्वालामुखी फट पड़ा है। ज्वालामुखी में हुए विस्फोट के बाद जिस तरह से निकल रहा है वो बेहद डराने वाला है। चलिए आपको ज्वालामुखी में हुए विस्फोट की तस्वीरें दिखाते हैं।
फिलीपींस के कनलाओन ज्वालामुखी में एक बार फिर विस्फोट हुआ है। विस्फोट के बाद आसमान में राख का गुबार नजर आया। कनलाओन ज्वालामुखी इससे पहले बीते साल दिसंबर में फटा था।
अलास्का के सबसे बड़े शहर एंकरेज के पास माउंट स्पर ज्वालामुखी फट सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक ज्वालामुखी क्रेटर में भी सक्रियता देखी गई है। माउंट स्पर ज्वालामुखी इससे पहले 1992 में फटा था।
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