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भारत से कब तक छंटेगा इथियोपिया के ज्वालामुखी की राख का बादल? चीन की तरफ है रुख

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
Published : Nov 25, 2025 10:06 am IST, Updated : Nov 25, 2025 10:06 am IST

इथियोपिया के हेली गुब्बी ज्वालामुखी से बना राख का बादल भारत पहुंचने के बाद अब चीन की ओर बढ़ रहा है। IMD ने बताया कि मंगलवार शाम 7:30 बजे तक यह पूरी तरह भारत से हट जाएगा। राख के कारण कई उड़ानों पर असर पड़ा है।

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Image Source : AP इथियोपिया में ज्वालामुखी फटने से राख के विशाल बादल बन गए हैं।

नई दिल्ली: इथियोपिया में ज्वालामुखी फटने से बने राख के बादल भारत पहुंच चुके हैं और अब उनका रुख चीन की तरफ है। भारतीय मौसम विभाग यानी की IMD ने कहा है कि ये बादल मंगलवार शाम 7:30 बजे तक भारत से पूरी तरह हट जाएंगे। बता दें कि राख के बादलों की वजह से भारत में कई उड़ानों पर असर पड़ा। IMD के मुताबिक, इथियोपिया के हेली गुब्बी ज्वालामुखी में रविवार को अचानक विस्फोट हो गया जिससे राख के बादल बन गए। राख के ये बादल करीब 45,000 फीट की ऊंचाई तक गए और फिर पूर्व दिशा की ओर फैलते चले गए।

'शाम 7:30 बजे तक भारत के आसमान से चले जाएंगे बादल'

इथियोपिया से ये बादल लाल सागर पार करके अरब प्रायद्वीप और फिर भारतीय उपमहाद्वीप की ओर आ गए हैं। IMD ने अपने बयान में कहा, 'ऊपरी हवाओं ने राख के इन बादलों को इथियोपिया से लाल सागर होते हुए यमन और ओमान तक पहुंचाया, और फिर अरब सागर पार करके भारत के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में पहुंचा दिया है।' मंगलवार को राख का असर गुजरात, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में नजर आया। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय मोहापात्रा ने बताया कि ये बादल अब चीन की तरफ जा रहे हैं और शाम 7:30 बजे तक भारत के आसमान से चले जाएंगे।

'राख की चेतावनियों की लगातार निगरानी की जा रही है'

बता दें कि मुंबई, नई दिल्ली और कोलकाता के मौसम निगरानी कार्यालयों ने हालात को देखते हुए एयरपोर्ट्स को ICAO मानक वाली महत्वपूर्ण मौसम सूचना चेतावनियां जारी कीं। इन चेतावनियों में प्रभावित हवाई क्षेत्र और उड़ान स्तरों से बचने की सलाह दी गई। IMD ने कहा कि उड़ान योजना बनाने के लिए मौसम और राख की चेतावनियों की लगातार निगरानी की जा रही है। इसमें वैकल्पिक रास्तों के आधार पर रूट बदलना और ईंधन की गणना शामिल है। बता दें कि हेली गुब्बी इथियोपिया के अफार क्षेत्र में एक ढाल वाला ज्वालामुखी है और करीब 10 हजार साल बाद फटा है। (PTI)

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