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Explainer: हैली गुब्बी में विस्फोट से क्यों मची खलबली? ज्वालामुखी फटने से नुकसान कम, फायदे हैं ज्यादा, जानें कैसे?

 Written By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Nov 25, 2025 10:03 pm IST,  Updated : Nov 25, 2025 11:46 pm IST

उत्तरी इथियोपिया में रविवार को लगभग 12,000 वर्षों में ज्वालामुखी विस्फोट हुआ, इस ज्वालामुखी का नाम हैली गुब्बी है, जिसमें विस्फोट के बाद कई देशों में खलबली मच गई है। ज्वालामुखी फटने से जहां नुकसान भी होता है तो फायदे भी होते हैं। जानें इस एक्सप्लेनर में...

ज्वालामुखी में...- India TV Hindi
ज्वालामुखी में विस्फोट Image Source : TWITTER (X)

Explainer: उत्तरी इथियोपिया में रविवार को लगभग 12,000 वर्षों में पहली बार एक ज्वालामुखी फटा, जिसके राख का गुबार 100-120 किमी/घंटा की गति से बह रहा था। इस ज्वालामुखी का नाम हेली गुब्बी है, जिसमें विस्फोट के बाद राख और धुएं का गुबार अब लाल सागर को पार करते हुए यमन, ओमान से होते हुए चार हजार 500 किलोमीटर दूर भारत के गुजरात और राजस्थान के रास्ते दिल्ली तक पहुंच गया और यहां से होते हुए अब चीन की तरफ बढ़ गया है। राख और धुएं से भरे ये बादल आकाश में 15,000-25,000 फुट से लेकर 45,000 फुट तक ऊंचाई में फैले हैं। इसकी वजह से कई जगहों पर हवाई यातायात भी काफी देर तक प्रभावित रहा।

ज्वालामुखी विस्फोट
Image Source : TWITTER (X)ज्वालामुखी विस्फोट

12,000 साल बाद अचानक क्यों फटा 

वैज्ञानिकों के मुताबिक हैली गुब्बी ज्वालामुखी में होलोसीन काल के दौरान किसी भी ज्ञात विस्फोट का रिकॉर्ड नहीं है, होलोसीन करीब 12,000 साल पहले पिछली हिम युग के अंत में शुरू हुआ था और इस तरह से हैली गुब्बी ज्वालामुखी का 'होलोसीन काल के बाद इसका अचानक फटना वैज्ञानिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इतने लंबे समय शांत रहने वाले ज्वालामुखी का फिर से सक्रिय होना रिफ्ट जोन की गहराई में होने वाली गतिविधियों पर नई जानकारी दे सकता है। ज्वालामुखी से उठता विशाल राख का गुबार इस तरफ इशारा करता है कि हो सकता है कि उस काल में और जिनका अब तक पता न चला हो, विस्फोट भी हुए हों।

क्या है हैली गुब्बी ज्वालामुखी

हेली गुब्बी एक शील्ड ज्वालामुखी है जो इथियोपिया के अफार क्षेत्र में स्थित है और ये एर्ता अले ज्वालामुखी श्रृंखला का सबसे दक्षिणी हिस्सा है। अफार क्षेत्र को धरती का नर्क भी कहा जाता है क्योंकि यहां तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ये पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट वैली का हिस्सा है, जहां पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटें लगातार अलग हो रही हैं।

ज्वालामुखी में विस्फोट के साथ बड़ी मात्रा में सल्फर डाइऑक्साइड गैस भी निकली है और इसकी राख में कुछ छोटे कांच चट्टान के कण भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पहली बार किसी ज्वालामुखी में इतना जोरदार धमाका हुआ है कि आधी दुनिया तक इसका असर नजर आ रहा है।

अभी खतरा टला नहीं है

ज्वालामुखी से निकली राख विमानों के इंजन विंडशील्ड और सेंसर सिस्टम के लिए काफी खतरनाक होती है ये राख इंजन में जाकर पिघल जाती है जिससे विमान के इंजन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए इंटरनेशनल एविएशन प्रोटोकॉल के तहत सतर्कता बरती जा रही है। लेकिन इथोपिया में अभी खतरा टला नहीं है। ज्वालामुखी फटने के बाद भले ही एकदम शांत नज़र आ रहा है...लेकिन ज्वालामुखी से लगातार सल्फर डाइऑक्साइड गैस निकल रही है जो ये बताती है कि अंदर दबाव बढ़ रहा है और मैग्मा हिल रहा है इससे आगे और भी विस्फोट हो सकता है।

ज्वालामुखी में विस्फोट
Image Source : TWITTER (X)ज्वालामुखी में विस्फोट

 ज्वालामुखी विस्फोट में क्या क्या निकलता है

 

  • ज्वालामुखी विस्फोट के दौरान पृथ्वी की सतह से तीन प्रकार की मुख्य सामग्रियां बाहर निकलती हैं, जिसमें लावा (पिघली हुई चट्टान), गैसें, और चट्टान के टुकड़े औ राख (टेफ्रा) होते हैं। 

     

  • लावा: पृथ्वी के अंदर पिघली हुई चट्टान को मैग्मा कहते हैं। जब यह सतह पर बहती है, तो इसे लावा कहा जाता है।
     
  • गैसें: गैसें विस्फोट का एक प्रमुख घटक हैं। इनमें मुख्य रूप से जल वाष्प (H₂O) होती है, जो कुल गैसों का 60% से अधिक होती है। अन्य गैसों में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂), और हाइड्रोजन सल्फाइड (H₂S), साथ ही थोड़ी मात्रा में हाइड्रोजन क्लोराइड, हाइड्रोजन फ्लोराइड और अन्य गैसें शामिल हैं।
     
  • टेफ्रा /खंडित मलबा: ये ठोस सामग्री के टुकड़े होते हैं जो विस्फोट के दौरान हवा में ejected होते हैं। इनका आकार छोटे कणों से लेकर बड़े पत्थरों तक हो सकता है।
     
  • ज्वालामुखी राख: ये pulverised चट्टान, खनिज और ज्वालामुखी कांच के छोटे-छोटे कण होते हैं, जो हवा के साथ सैकड़ों मील तक जा सकते हैं।
     
  • ज्वालामुखी बम: ये पिघली हुई चट्टान के बड़े टुकड़े होते हैं जो हवा में फेंके जाते हैं और हवा में ही ठंडे होकर ठोस हो जाते हैं।

 

ज्वालामुखी विस्फोट

ज्वालामुखी में विस्फोट
Image Source : AI IMAGEज्वालामुखी में विस्फोट

ज्वालामुखी विस्फोटों के नुकसान 

  • ज्वालामुखी विस्फोट अक्सर विनाशकारी होते हैं और तत्काल तथा दीर्घकालिक खतरे पैदा करते हैं, जिसमें जीवन की हानि और चोटें प्रमुख हैं। विस्फोटों से लोगों की तत्काल मृत्यु हो सकती है या गंभीर चोटें लग सकती हैं।
     
  • आधारभूत संरचना का विनाश होता है जिसमें लावा प्रवाह, राख, और मडस्लाइड (लाहार) से इमारतें, पुल, सड़कें, और कृषि भूमि नष्ट हो जाती हैं।
     
  • वायु गुणवत्ता में गिरावट, ज्वालामुखी राख के बादल हवा की गुणवत्ता को बहुत खराब कर देते हैं, जिससे श्वसन संबंधी समस्याएं होती हैं और विमानों की उड़ानें बाधित होती हैं।
     
  • जलवायु प्रभाव, बड़े विस्फोटों से निकलने वाली सल्फर डाइऑक्साइड ऊपरी वायुमंडल में पहुंचकर सूर्य के प्रकाश को अवरुद्ध कर सकती है, जिससे वैश्विक तापमान में अस्थायी गिरावट आ सकती है।
     
  • लाहार (मडस्लाइड) राख और पानी मिलकर कीचड़ का एक खतरनाक प्रवाह (लाहार) बनाते हैं, जो नदी घाटियों से तेज़ी से नीचे बहता है और अपने रास्ते में सब कुछ दफन कर देता है।

ज्वालामुखी में विस्फोट
Image Source : TWITTER (X)ज्वालामुखी में विस्फोट

ज्वालामुखी विस्फोटों के फायदे 

  • उपजाऊ मिट्टी, ज्वालामुखीय राख और विघटित लावा में खनिजों की प्रचुरता होती है। समय के साथ, ये अत्यधिक उपजाऊ मिट्टी बनाते हैं जो कृषि के लिए आदर्श होती हैं। इंडोनेशिया, इटली, और हवाई जैसे क्षेत्रों में ज्वालामुखी फटने से सबसे ज्यादा फायदा होता है। 
     
  • भू-तापीय ऊर्जा, ज्वालामुखी क्षेत्रों में गर्मी का उपयोग भू-तापीय ऊर्जा बनाने के लिए किया जा सकता है। यह एक स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है जिसका उपयोग आइसलैंड और न्यूजीलैंड जैसे देशों में बिजली बनाने के लिए किया जाता है।
     
  • खनिज जमाव, ज्वालामुखी गतिविधि तांबा, सोना, चांदी, और जस्ता जैसी मूल्यवान धातुओं के भंडार बनाती है, जो खनन उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
     
  • भूमि निर्माण, समुद्र के नीचे ज्वालामुखी विस्फोट नई भूमि का निर्माण करते हैं। हवाई द्वीप समूह सहित कई द्वीप ज्वालामुखीय गतिविधि से ही बने हैं।
     
  • पर्यटन, सक्रिय और निष्क्रिय ज्वालामुखी प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण राजस्व लाते हैं और रोजगार पैदा करते हैं।

संक्षेप में, ज्वालामुखी पृथ्वी की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसके तत्काल परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं, लेकिन दीर्घकालिक लाभ पृथ्वी के जीवन और संसाधनों को समृद्ध करते हैं।

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