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पानी में गिरने से पहले कुछ यूं उड़ रहा था वायुसेना का हेलीकॉप्टर, वीडियो देखकर रह जाएंगे हैरान

 Reported By: Nitish Chandra Edited By: Niraj Kumar
 Published : Oct 04, 2024 02:27 pm IST,  Updated : Oct 04, 2024 02:30 pm IST

मुजफ्फरपुर के औराई में बाढ़ राहत कार्य के दौरान वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर पानी में गिर गया था। इस हादसे से पहले का एक वीडियो सामने आया है।

वायुसेना का हेलीकॉप्टर पानी में गिरा- India TV Hindi
वायुसेना का हेलीकॉप्टर पानी में गिरा Image Source : इंडिया टीवी

मुजफ्फरपुर :  मुजफ्फरपुर के औराई में जहां पानी में  भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग हुईं थी वहां अभी भी हेलीकॉप्टर पानी में ही पड़ा हुआ है। इस बीच हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग से ठीक पहले का एक वीडियो सामने आया है जिसमें हेलीकॉप्टर से धुआं निकलता हुआ दिख रहा है। वीडियो में हेलीकॉप्टर धरती की सतह से काफी नीचे उड़ान भर रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो इमरजेंसी लैंडिंग से ठीक पहले का है।

बता दें कि वायुसेना के एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर को बाढ़ में राहत कार्यों के लिए लगाया गया था। इस दौरान यह हेलीकॉप्टर मुजफ्फरपुर के औराई में पानी में गिर गया। इस  हेलीकॉप्टर में दो पायलट सहित तीन कर्मी सवार थे जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया।

बिहार में अधिकांश नदियां खतरे के निशान से ऊपर 

 बिहार के कई जिलों में  बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अधिकांश नदियों का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से ऊपर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के गांधी घाट पर गंगा के जलस्तर का निरीक्षण किया, जहां पानी खतरे के निशान से नीचे आ गया है। कुमार के निरीक्षण के दौरान बिहार विधानसभा के अध्यक्ष नंद किशोर यादव, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी और वरिष्ठ अधिकारी गांधी घाट पर मौजूद थे। 

कुछ दिनों पहले तक गांधी घाट पर गंगा नदी में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर था। हालांकि, पटना के हाथीदह घाट पर गंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गंगा नदी के किनारे बसे बिहार के 12 जिलों--बक्सर, भोजपुर, सारण, वैशाली, पटना, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार में इस साल आयी बाढ़ से करीब 25 लाख की आबादी प्रभावित हुई तथा पांच लोगों की जान गई है। 

जल संसाधन विभाग अलर्ट पर है और संवेदनशील स्थलों पर आवश्यकतानुसार बाढ़ सुरक्षा कार्य किए जा रहे हैं।" बिहार आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, गंडक, कोसी, बागमती, महानन्दा एवं अन्य नदियों में आयी बाढ़ के कारण 17 जिलों--पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, शिवहर, सीतामढ़ी, सुपौल, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, मधुबनी, दरभंगा, सारण, सहरसा, कटिहार और खगड़िया-- की लगभग 11.84 लाख आबादी प्रभावित हुई है। राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा खाद्य सामग्री और अन्य राहत सामग्री के पैकेट गिराए जा रहे हैं। 

बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एनडीआरएफ की 16 और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की 17 टीम को लगाया गया है। प्रभावित इलाकों में करीब 975 नावें संचालित की जा रही हैं। वहीं, मुख्यमंत्री ने राजधानी में जेपी गंगा पथ के कृष्ण घाट संपर्कता और गायघाट में रैप संपर्कता सड़क का लोकार्पण किया। इससे अशोक राजपथ पर वाहनों की आवाजाही और अधिक सुगम हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने रिमोट कंट्रोल के माध्यम से राज्य सरकार के सभी 87 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में उत्कृष्टता केन्द्रों के निर्माण की आधारशिला भी रखी। 

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