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बिहार चुनाव में हार के बाद मौन उपवास पर प्रशांत किशोर, गांधी आश्रम में कर रहे आत्ममंथन

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Nov 21, 2025 09:27 am IST,  Updated : Nov 21, 2025 09:27 am IST

बिहार विधानसभा चुनाव में जनसुराज पार्टी की करारी हार के बाद प्रशांत किशोर मौन उपवास पर बैठे हैं। वह पश्चिमी चंपारण के भितिहरवा गांधी आश्रम में आत्ममंथन कर रहे हैं।

Prashant Kishor- India TV Hindi
मौन उपवास पर प्रशांत किशोर Image Source : REPORTER INPUT

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में जनसुराज पार्टी की करारी हार के बाद इसके संस्थापक प्रशांत किशोर मौन व्रत पर बैठे हुए हैं। प्रशांत किशोर पश्चिमी चंपारण के भितिहरवा गांधी आश्रम में 24 घंटो से मौन उपवास पर बैठे हैं और पार्टी की हार के लिए आत्ममंथन कर रहे हैं। मौन व्रत पर बैठे प्रशांत की तस्वीर भी सामने आई है।

सुबह आश्रम पहुंचते ही प्रशांत किशोर ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे अपनी टीम के प्रमुख सदस्यों के साथ शांत भाव से आत्मचिंतन में बैठे। इस दौरान हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक आश्रम परिसर में मौजूद रहे।

प्रशांत किशोर ने उपवास को राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि ‘आत्मिक प्रायश्चित’ बताया है। जनसुराज की तीन वर्ष की यात्रा के बाद यह कदम उन्होंने इस सवाल के उत्तर में उठाया है कि—जनता तक संदेश पूरी तरह क्यों नहीं पहुंच पाया।

क्या रहे बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे?

14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ गए थे। इस चुनाव में NDA को प्रचंड बहुमत मिला था, वहीं महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा था। अपनी रैलियों में बड़ी भीड़ जुटा रही जनसुराज का तो खाता भी नहीं खुल सका था।

इस चुनाव में एनडीए को 202 सीटें मिली थीं, वहीं महागठबंधन को 35 सीटें मिली थीं। जनसुराज को इस चुनाव में एक भी सीट हासिल नहीं हुई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी प्रशांत किशोर ट्रोल हुए थे क्योंकि उन्होंने चुनाव से पहले बड़े-बड़े दावे किए थे लेकिन उनके सारे दावे हवाई साबित हुए।

हार के बाद प्रशांत किशोर ने की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस

चुनाव में हार के बाद प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने कहा था, "नए चुने विधायकों को बधाई, हम लोगों से जो गलती हुई है, मैं विनम्रता से माफी मांगता हूं। 20 को भीतरहरवा आश्रम से प्रायश्चित के तौर पर सामूहिक मौन उपवास रखूंगा एक दिन के लिए। गलती हो सकती है, लेकिन गुनाह नहीं किया, वोट नहीं मिलना गुनाह नहीं है। जहां जाति की राजनीति चलती रही है, धर्म की राजनीति रही है, वहां जाति धर्म के आधार पर बांटने का गुनाह नहीं किया हूं।" (इनपुट: बेतिया से सुमित कुमार)

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