Hilsa Assembly Seat: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल गर्माया हुआ है। सभी दलों के नेताओं ने अपनी जनसभाएं और चुनावी रैली भी निकालना शुरू कर दिया है। ऐसे में बिहार की खास सीटों की बात करें तो इसमें हिलसा विधानसभा सीट भी शामिल है। बिहार के नालंदा जिले में स्थित हिलसा विधानसभा सामान्य श्रेणी की सीट है, जो नालंदा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।
यह क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर निर्भर है, जहां कृषि और छोटे-मोटे व्यापार मुख्य आजीविका के स्रोत हैं। हिलसा में यादव, मुस्लिम, कुर्मी, और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समुदायों का वोट बैंक चुनावी नतीजों को तय करने में अहम भूमिका निभाता है। यह सीट लंबे समय से जनता दल यूनाइटेड (JDU) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बीच कांटे की टक्कर का गवाह रही है, जिसमें गठबंधन की रणनीति और स्थानीय मुद्दे निर्णायक रहे हैं।
2020 के चुनाव में हिलसा में एनडीए और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। जेडीयू ने कृष्णकुमारी शरण को चुनावी मैदान में उतारा था। जेडीयू के उम्मीदवार ने आरजेडी के उम्मीदवार अत्रि मुनि को मात्र 12 वोटों से हराया था। जेडीयू के उम्मीदवार को 61,848 वोट मिले थे। आरजेडी के उम्मीदवार अत्रि मुनि को 61,836 वोट मिले थे। यहां चुनावी लड़ाई काफी दिलचस्प रही थी।
2015 के विधानसभा चुनाव परिणाम में आरजेडी के उम्मीदवार शक्ति सिंह यादव ने जीत दर्ज की थी। आरजेडी के उम्मीदवार को 72,347 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर यहां से लोजपा के उम्मीदवार दीपिका कुमारी रहीं थी।
हिलसा में 2010 के विधानसभा चुनाव रिजल्ट की बात करें तो यहां से जेडीयू ने जीत दर्ज की थी। जेडीयू की उषा सिन्हा ने लोजपा की उम्मीदवार रीना देवी को हराया था। जेडीयू की उम्मीदवार उषा सिन्हा को 54,974 और रीना देवी को 47,562 वोट मिले थे।
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