1. Hindi News
  2. बिहार
  3. 'एक बूथ से 10 वोट भी हटाए जाते हैं तो...', तेजस्वी ने आंकड़ों के जरिए BJP पर साधा निशाना

'एक बूथ से 10 वोट भी हटाए जाते हैं तो...', तेजस्वी ने आंकड़ों के जरिए BJP पर साधा निशाना

 Reported By: Nitish Chandra, Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Jul 16, 2025 01:48 pm IST,  Updated : Jul 16, 2025 08:56 pm IST

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में बीजेपी के इशारे पर SIR अभियान के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने की साजिश हो रही है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव को प्रभावित करने और लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश है।

Tejashwi Yadav voter list, Bihar voter list scam, SIR campaign Bihar- India TV Hindi
RJD नेता तेजस्वी यादव। Image Source : PTI

पटना: राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग द्वारा शुरू किए गए विशेष सत्यापन अभियान (SIR) को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तेजस्वी ने दावा किया कि बीजेपी के इशारे पर बिहार की मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम हटाने की साजिश रची जा रही है, जिससे आगामी चुनावों में हार-जीत का समीकरण प्रभावित हो सकता है। उन्होंने इस मुद्दे पर एक प्रेस वक्तव्य जारी कर बीजेपी की मंशा का खुलासा किया और कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील की।

तेजस्वी ने बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप

तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा कि बिहार में कुल 7 करोड़ 90 लाख मतदाता हैं। उन्होंने कहा, 'अगर बीजेपी के निर्देश पर केवल 1 फीसदी मतदाताओं के नाम भी मतदाता सूची से हटाए जाते हैं, तो यह संख्या 7 लाख 90 हजार तक पहुंच जाएगी। बीजेपी का इरादा इससे भी बड़ा है और वे 4-5% मतदाताओं के नाम हटाने की योजना बना रहे हैं।' तेजस्वी ने आंकड़ों के जरिए समझाया कि अगर 7 लाख 90 हजार मतदाताओं को बिहार के 243 विधानसभा क्षेत्रों में बांटा जाए, तो प्रति विधानसभा क्षेत्र में औसतन 3251 मतदाताओं के नाम कट सकते हैं।

तेजस्वी ने पिछले चुनावों के आंकड़े गिनाए

तेजस्वी ने आगे बताया कि बिहार में कुल 77,895 पोलिंग बूथ हैं, और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में औसतन 320 बूथ हैं। उन्होंने कहा कि अगर एक बूथ से केवल 10 वोट भी हटाए जाते हैं, तो एक विधानसभा क्षेत्र के सभी बूथों से कुल 3,200 मतदाता प्रभावित होंगे। तेजस्वी ने कहा, 'यह छोटी संख्या नहीं है। इतने वोट किसी भी सीट पर हार-जीत का फैसला कर सकते हैं।' तेजस्वी ने पिछले 2 विधानसभा चुनावों के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2015 के विधानसभा चुनाव में 3000 वोटों से कम अंतर से हार-जीत वाली 15 सीटें थीं, जबकि 2020 के चुनाव में ऐसी 35 सीटें थीं।

'बीजेपी की बदनीयती का पर्दाफाश करें'

तेजस्वी ने कहा कि अगर 5000 वोटों से कम अंतर वाली सीटों की बात करें, तो 2015 में 32 सीटें और 2020 में 52 सीटें ऐसी थीं, जहां हार-जीत का अंतर बहुत कम था। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ऐसी ही सीटों को निशाना बना रही है, जहां चुनिंदा बूथों, समुदायों और वर्गों के बहाने वोटरों के नाम हटाए जा सकते हैं। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह साजिश लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश है। तेजस्वी ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे हर गांव और घर तक जाएं और बीजेपी की इस 'बदनीयती' का पर्दाफाश करें।

क्या है SIR, विपक्ष क्यों उठा रहा सवाल?

चुनाव आयोग का विशेष सत्यापन अभियान (SIR) मतदाता सूची को अपडेट करने और फर्जी मतदाताओं को हटाने के लिए चलाया जाता है। हालांकि, तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी इस अभियान का दुरुपयोग कर रही है ताकि विपक्षी दलों के समर्थकों के वोट काटे जा सकें। तेजस्वी ने अपने बयान में कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने और हर बूथ पर नजर रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि RJD कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर इस साजिश को उजागर करेंगे और मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। बिहार से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।